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शिक्षा व्यवस्था में भ्रष्टाचार पर प्रधानमंत्री की चुप्पी चिंताजनक, केंद्रीय शिक्षा मंत्री दें इस्तीफा :- जयंत मानिकपुरी

गंडई/पंडरिया / केसीजी । साल्हेवारा खादी के विधायक प्रतिनिधि एवं समस्त उपार्जन केंद्र खैरागढ़ के प्रतिनिधि तथा युवा कांग्रेस के जिला महासचिव जयंत मानिकपुरी ने देश की शिक्षा व्यवस्था को लेकर केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं,उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में देश की पूरी शिक्षा व्यवस्था वेंटिलेटर पर पहुंच चुकी है,और परीक्षाओं की विश्वसनीयता तथा पारदर्शिता पूरी तरह समाप्त हो गई है।



जयंत मानिकपुरी ने कहा कि देश के करोड़ों छात्रों और उनके अभिभावकों का शिक्षा प्रणाली से भरोसा उठता जा रहा है, उन्होंने आरोप लगाया कि पहले मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET में पेपर लीक का मामला सामने आया, जिससे लाखों मेहनती और मेधावी छात्रों के भविष्य पर सवाल खड़े हो गए, इसके बाद 12वीं बोर्ड परीक्षा के मूल्यांकन में ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली की खामियां और कथित अनियमितताएं उजागर होने से शिक्षा व्यवस्था की साख और कमजोर हुई है।



उन्होंने कहा कि इन घटनाओं से स्पष्ट हो गया है कि केंद्र सरकार देश के युवाओं को निष्पक्ष, पारदर्शी और भरोसेमंद परीक्षा प्रणाली उपलब्ध कराने में विफल रही है,मानिकपुरी ने प्रधानमंत्री की चुप्पी को चिंताजनक बताते हुए कहा कि शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषय पर केंद्र सरकार जवाबदेही से बच नहीं सकती।



युवा कांग्रेस नेता ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल इस्तीफा देने की मांग की। उन्होंने कहा कि लगातार सामने आ रही, अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, तथा दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि छात्रों और अभिभावकों का विश्वास फिर से बहाल किया जा सके।



मानिकपुरी ने कहा कि देश का भविष्य युवाओं के हाथों में है और उनकी शिक्षा तथा अवसरों के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने केंद्र सरकार से शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार लाने और परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी बनाने की मांग की।

रिपोर्टर राशीद जमाल सिद्दीकी

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