रायपुर। छत्तीसगढ़ के बिजली उपभोक्ताओं को 1 जुलाई 2026 से बिजली बिल के रूप में अतिरिक्त आर्थिक बोझ उठाना पड़ेगा,राज्य विद्युत नियामक आयोग ने बिजली दरों में औसतन 6.23 प्रतिशत की बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है,नई दरें पूरे प्रदेश में 1 जुलाई से प्रभावी होंगी,विद्युत नियामक आयोग के सदस्य विवेक गनोदवाले ने बताया कि दर संशोधन के बाद राज्य में औसत विद्युत बिलिंग दर 6.71 रुपये प्रति यूनिट हो गई है, इस फैसले का असर घरेलू, व्यावसायिक और कृषि उपभोक्ताओं पर पड़ेगा।

घरेलू, व्यावसायिक और कृषि उपभोक्ताओं पर असर
नई दरों के अनुसार घरेलू उपभोक्ताओं को अब बिजली के लिए 30 पैसे से 50 पैसे प्रति यूनिट तक अधिक भुगतान करना होगा,वहीं गैर-घरेलू एवं व्यावसायिक उपभोक्ताओं के लिए दरों में 20 पैसे से 40 पैसे प्रति यूनिट तक की वृद्धि की गई है,कृषि क्षेत्र भी इस बढ़ोतरी से अछूता नहीं रहा है,कृषि पंपों के लिए बिजली दर में 40 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि की गई है, जिससे किसानों पर अतिरिक्त खर्च का दबाव बढ़ेगा।
कुछ वर्गों को राहत बरकरार
बढ़ी हुई दरों के बीच आयोग ने कुछ वर्गों को राहत भी दी है। महिला स्व-सहायता समूहों को मिलने वाली 10 प्रतिशत बिजली छूट को जारी रखा गया है,आदिवासी क्षेत्रों में संचालित छात्रावासों को घरेलू श्रेणी का लाभ मिलेगा, जिससे उनके बिजली खर्च में राहत मिलेगी,इसके अलावा अस्पतालों, नर्सिंग होम और डायग्नोस्टिक सेंटरों को पहले से मिल रही रियायतों को भी यथावत रखा गया है।

कंपनी ने मांगी थी 24 प्रतिशत बढ़ोतरी
बिजली कंपनी ने अपने प्रस्ताव में 24 प्रतिशत दर वृद्धि की मांग करते हुए,6304 करोड़ रुपये के राजस्व घाटे का हवाला दिया था,हालांकि, विद्युत नियामक आयोग ने कंपनी के दावे का परीक्षण करने के बाद केवल 1662 करोड़ रुपये के राजस्व घाटे को स्वीकार किया और उसी आधार पर 6.23 प्रतिशत की औसत वृद्धि को मंजूरी दी।
ईवी चार्जिंग स्टेशनों के लिए नई टैरिफ व्यवस्था
आयोग ने इलेक्ट्रिक वाहनों के बढ़ते उपयोग को ध्यान में रखते हुए ईवी चार्जिंग स्टेशनों के लिए विशेष टैरिफ दरें भी निर्धारित की हैं, इससे राज्य में ईवी इंफ्रास्ट्रक्चर को व्यवस्थित रूप से बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

लेट फीस में भी बढ़ोतरी
बिजली बिल का समय पर भुगतान नहीं करने वाले उपभोक्ताओं को अब अधिक शुल्क देना होगा। आयोग ने विलंबित भुगतान अधिभार (लेट पेमेंट फीस) को 0.04 प्रतिशत प्रतिदिन की दर से लागू करने का निर्णय लिया है,नई दरों के लागू होने के बाद प्रदेश के लाखों बिजली उपभोक्ताओं की मासिक बिजली लागत में वृद्धि होगी, जबकि राहत श्रेणियों को पूर्ववत लाभ मिलता रहेगा।




