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जेल में बंदी संजय बघेल की मौत पर गरमाई सियासत, कांग्रेस जांच टीम ने उठाए गंभीर सवाल

रायगढ़। जिला जेल रायगढ़ में विचाराधीन बंदी संजय बघेल की मौत के मामले ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है,प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा गठित जांच टीम बुधवार को रायगढ़ पहुंची और मृतक के परिजनों से मुलाकात कर मामले की जानकारी ली, टीम ने जिला जेल और पुलिस प्रशासन से भी चर्चा कर घटना की जांच की कांग्रेस जांच दल की संयोजक एवं सराईपाली विधायक चातुरी नंद के नेतृत्व में बिलाईगढ़ विधायक कविता प्राण लहरे, पामगढ़ विधायक शेषराज हरबंस, लैलूंगा विधायक विद्यावती सिदार और खरसिया विधायक उमेश पटेल ने सबसे पहले मृतक संजय बघेल के गृह ग्राम नावापारा पहुंचकर परिजनों से मुलाकात की परिजनों ने आरोप लगाया कि पुलिस और जेल में प्रताड़ना के कारण संजय की मौत हुई है।



मृतक के पिता प्यारेलाल बघेल ने बताया कि 10 जून को संजय और बंटी बघेल को कथित रूप से तीन लीटर महुआ शराब के साथ पकड़ा गया था। उनका आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने शराब की मात्रा बढ़ाकर दिखाते हुए रिश्वत की मांग की बंटी बघेल द्वारा 40 हजार रुपये देने के बाद उसे छोड़ दिया गया, जबकि संजय के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जेल भेज दिया गया, परिजनों का आरोप है कि जेल में मारपीट के कारण उसकी तबीयत बिगड़ी और अस्पताल में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई,परिजनों ने दावा किया कि शव पर घुटनों, कोहनी, पीठ और शरीर के अन्य हिस्सों में चोट के निशान थे तथा मुंह में खून जमा हुआ था, उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है,जांच टीम ने जिला जेल पहुंचकर अधिकारियों से जानकारी लेने का प्रयास किया,जेल अधीक्षक जी.के. सोरी अवकाश पर होने के कारण उपलब्ध नहीं थे। टीम ने जेल में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखने की मांग की, लेकिन जेल प्रबंधन ने न्यायालय की अनुमति आवश्यक होने की बात कही।



इसके बाद कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह से मुलाकात की विधायक चातुरी नंद ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए, आरोप लगाया कि एक आरोपी को पैसे लेकर छोड़ दिया गया,तथा शराब की मात्रा बढ़ाकर मामला गंभीर बनाया गया, उन्होंने संबंधित पुलिसकर्मियों को केवल लाइन अटैच करने के बजाय निलंबित करने की मांग की।



इस दौरान विधायक चातुरी नंद और एसएसपी शशि मोहन सिंह के बीच तीखी बहस भी हुई, एसएसपी ने कहा कि पुलिस ने नियमानुसार कार्रवाई की है और बिना जांच पूरी हुए निष्कर्ष निकालना उचित नहीं है,खरसिया विधायक एवं पूर्व मंत्री उमेश पटेल ने कहा कि संजय को जेल भेजे जाने के समय वह पूरी तरह स्वस्थ था, उन्होंने आरोप लगाया कि जेल में उसके साथ मारपीट की गई, जिसके निशान शव पर स्पष्ट दिखाई दिए, उमेश पटेल ने मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए जेल के सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक करने की मांग की उल्लेखनीय है कि मामले में पहले ही प्रधान आरक्षक श्याम साहू और आरक्षक शंभू चौहान को लाइन अटैच कर विभागीय जांच के आदेश दिए जा चुके हैं। साथ ही पूरे प्रकरण की न्यायिक जांच भी जारी है,कांग्रेस ने दोषियों पर कड़ी कार्रवाई और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की है।

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