छुईखदान / केसीजी। छुईखदान नगर में स्थित उपकोषालय (ट्रेजरी) को अन्यत्र स्थानांतरित किए जाने की आशंका के बीच अब राहत भरी खबर सामने आई है, प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्पष्ट आश्वासन दिया है कि छुईखदान की भावनाओं से जुड़ी किसी भी प्रशासनिक व्यवस्था से छेड़छाड़ नहीं की जाएगी,यह आश्वासन क्षेत्रीय सांसद संतोष पाण्डेय की पहल और प्रतिनिधिमंडल के प्रयासों के बाद मिला है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और वर्तमान स्थिति
लगभग आठ दशक पहले भी छुईखदान में कोषालय को लेकर बड़ा संघर्ष हुआ था, जिसमें प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान गोलीकांड हुआ, और कई लोगों की जान गई थी, इस ऐतिहासिक घटना की स्मृति आज भी नगरवासियों के मन में जिंदा है,हाल ही में शासन द्वारा स्ट्रांग रूम का हवाला देते हुए,उपकोषालय को स्थानांतरित करने की प्रक्रिया शुरू की गई, जिससे लोगों में भारी आक्रोश फैल गया, स्थानीय स्तर पर ठोस पहल न होते देख नगरवासियों ने खुद संघर्ष का निर्णय लिया।

सांसद की पहल से बदला माहौल
नगर के प्रतिनिधियों ने सांसद संतोष पाण्डेय से मुलाकात कर पूरे मामले की जानकारी दी, इसके बाद सांसद ने स्वयं छुईखदान पहुंचकर जनभावनाओं को समझा और सीधे मुख्यमंत्री से चर्चा कर मुलाकात का समय लिया,मुख्यमंत्री से मुलाकात में प्रतिनिधिमंडल ने स्पष्ट तर्क रखा कि यह उपकोषालय करीब 200 से अधिक गांवों और लगभग 2 लाख लोगों को सेवा देता है,यहां का स्ट्रांग रूम जिले के सबसे सुरक्षित स्थानों में से एक है,कोषालय हटने से दूरदराज के लोगों को भारी असुविधा होगी,क्षेत्र में तीन तहसील, कई राजस्व व पुलिस क्षेत्र इस व्यवस्था पर निर्भर हैं,इन तथ्यों को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने व्यवस्था यथावत रखने का भरोसा दिया।
एकजुटता ने दिखाई ताकत
इस मुद्दे पर नगर में अभूतपूर्व एकता देखने को मिली। विभिन्न वर्गों और संगठनों के लोग एक मंच पर आए और “अपनी लड़ाई खुद लड़ने” का संकल्प लिया,प्रतिनिधिमंडल में प्रमुख रूप से प्रेमनारायण चंद्राकर, अरविंद शर्मा, रावल कोचर, गिरिश शर्मा, राजलक्ष्मी पंसारी, प्रदीप श्रीवास्तव, नवनीत जैन, भावेश कोचर और हरिश्चंद्र यादव शामिल रहे।
किसान कांग्रेस की प्रतिक्रिया
जिला किसान कांग्रेस ने भी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि यदि कोषालय को यथावत रखने का आधिकारिक आदेश जारी होता है, तो वे प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करेंगें,मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद नगरवासियों में राहत और खुशी का माहौल है,इस पूरे घटनाक्रम ने यह भी साबित कर दिया कि जब जनता एकजुट होती है, तो बड़े फैसलों को भी प्रभावित किया जा सकता है, अब सभी की नजरें शासन के आधिकारिक आदेश पर टिकी हैं।
रिपोर्टर: राशिद जमाल सिद्दीकी




