नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने बुधवार को राजधानी दिल्ली में अपनी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर शिक्षा व्यवस्था, प्रशासनिक जवाबदेही और जनहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर अपनी बात रखी। पार्टी के तीन प्रवक्ताओं ने मीडिया से संवाद करते हुए शिक्षा क्षेत्र में व्यापक सुधार और जिम्मेदारी तय करने की आवश्यकता पर जोर दिया,पार्टी नेताओं ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मामलों में केवल प्रशासनिक फेरबदल या अधिकारियों के तबादले पर्याप्त नहीं हैं, उन्होंने मांग की कि शिक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए ठोस एवं प्रभावी कदम उठाए जाएं,इसी क्रम में पार्टी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग दोहराते हुए,कहा कि इस विषय पर सरकार और विपक्ष दोनों से चर्चा के लिए वह तैयार है।

पार्टी प्रवक्ता सौरव दास ने हाल ही में शिक्षा विभाग के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों के तबादलों का उल्लेख करते हुए कहा कि केवल स्थानांतरण से समस्याओं का समाधान संभव नहीं है, उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त खामियों को दूर करने के लिए व्यापक सुधारात्मक प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए,इस दौरान पार्टी ने जानकारी दी कि उसके संस्थापक अभिजीत दिपके 6 जून को दिल्ली पहुंचेंगे, उनके आगमन के बाद आगामी कार्यक्रमों, आंदोलन की रूपरेखा और संगठन विस्तार को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाएंगे, पार्टी नेताओं का दावा है कि देश के विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में CJP कार्यकर्ता और समर्थक भी दिल्ली पहुंच सकते हैं,पार्टी ने बताया कि सार्वजनिक मुद्दों को लेकर लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने के लिए आवश्यक प्रशासनिक अनुमति प्राप्त करने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी ने युवाओं से जुड़ने और उनकी समस्याओं को प्रमुखता से उठाने का संकल्प दोहराया, नेताओं ने कहा कि शिक्षा, रोजगार और व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर युवाओं की आवाज को राष्ट्रीय स्तर पर मंच उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकता है,पार्टी के अनुसार, आने वाले दिनों में विभिन्न सामाजिक और जनहित के मुद्दों पर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा, इसके लिए युवाओं, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों से संपर्क कर जनसमर्थन जुटाने की तैयारी की जा रही है,कॉकरोच जनता पार्टी की यह पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर उसकी सक्रिय भागीदारी की शुरुआत के रूप में देखी जा रही है,अब 6 जून को संस्थापक अभिजीत दिपके के दिल्ली आगमन और उसके बाद होने वाली गतिविधियों पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।




