गंडई/ केसीजी। गर्मी के इस भीषण मौसम में गंडई-पंडरिया क्षेत्र स्थित गोंदली धोवा एवं बाघ माढ़ा का प्राकृतिक जल स्रोत बच्चों और युवाओं के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया है,परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद स्कूलों में ग्रीष्मकालीन अवकाश शुरू हो चुका है, ऐसे में युवा और बच्चे गर्मी से राहत पाने तथा तैराकी सीखने के लिए बड़ी संख्या में यहां पहुंच रहे हैं।

भडभड़ी जंगल के भीतर स्थित गोंदली धोवा एवं बाघ माढ़ा अपनी प्राकृतिक सुंदरता और शुद्ध शीतल जल के कारण इन दिनों लोगों को खूब लुभा रहा है, यहां रायपुर, भिलाई, दुर्ग और राजनांदगांव सहित कई शहरों से लोग नहाने और पिकनिक मनाने पहुंच रहे हैं, सुबह से लेकर शाम तक यहां बच्चों और युवाओं की भीड़ देखी जा सकती है।

बताया जाता है कि पैलीमेटा बांध से निकलने वाला पानी नदी के रूप में सालभर बहता रहता है, गोंदली धोवा एवं बाघ माढ़ा में नदी की गहराई लगभग 7 से 10 फीट तक है, जिससे यह स्थान तैराकी सीखने वालों के लिए भी उपयुक्त माना जाता है,करीब 30 वर्षों से यह क्षेत्र प्राकृतिक जल स्रोतों के कारण लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है,जंगल और पहाड़ों से घिरे इस क्षेत्र में जमीन के भीतर से प्राकृतिक रूप से पानी निकलता रहता है, जिससे नदी में सालभर जल बना रहता है,स्थानीय लोगों के अनुसार गर्मी के दिनों में अन्य नदियां सूखने लगती हैं, वहीं गोंदली धोवा एवं बाघ माढ़ा में पानी उपलब्ध रहने के कारण बच्चे और युवा यहां पहुंचते हैं।

यह क्षेत्र केवल स्नान और तैराकी के लिए ही नहीं, बल्कि एक सुंदर पिकनिक स्पॉट के रूप में भी प्रसिद्ध है,गोंदली धोवा से लगभग 2 किलोमीटर दूर स्थित भवरदाह पहाड़ी में प्रतिवर्ष गंडई राज परिवार द्वारा ज्योत ज्वारा की स्थापना की जाती है। सालभर लोग परिवार और दोस्तों के साथ यहां पिकनिक मनाने पहुंचते हैं और प्राकृतिक वातावरण का आनंद लेते हैं।
रिपोर्टर : राशिद जमाल सिद्दीकी




