राजनांदगांव। इस वर्ष चैत्र नवरात्रि का पर्व राजनांदगांव पुलिस के लिए दोहरी सफलता और गौरव का प्रतीक बनकर सामने आया, हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच डोंगरगढ़ मेला पूरी तरह शांतिपूर्ण और सुरक्षित वातावरण में संपन्न हुआ,पुलिस की मुस्तैदी और सुनियोजित व्यवस्था के चलते पूरे आयोजन में न तो कोई अप्रिय घटना घटी और न ही किसी प्रकार का अपराध दर्ज हुआ।

सुरक्षित पदयात्रा और अपराध मुक्त मेला
चैत्र नवरात्रि के दौरान बड़ी संख्या में पहुंचे पदयात्रियों की यात्रा पूरी तरह सुरक्षित रही,मार्ग में कहीं भी दुर्घटना या अनहोनी की सूचना नहीं मिली, वहीं, भारी भीड़ के बावजूद डोंगरगढ़ मेला अपराधमुक्त रहा, जो पुलिस की प्रभावी रणनीति और सतर्कता का परिणाम है।

व्यवस्थित प्रबंधन की हुई सराहना
श्रद्धालुओं को सुगम और सुलभ दर्शन कराने के लिए पुलिस ने व्यापक इंतजाम किए, यातायात व्यवस्था से लेकर सुरक्षा तक हर पहलू पर विशेष ध्यान दिया गया,स्थानीय नागरिकों और बाहर से आए श्रद्धालुओं ने पुलिस के इस समर्पण और प्रबंधन की खुलकर सराहना की।
“सेवा परमो धर्म” की भावना के साथ समर्पित पुलिस
इस अवसर पर पुलिस अधिकारियों ने अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि उनका उद्देश्य केवल कानून व्यवस्था बनाए रखना ही नहीं, बल्कि जनसेवा और आस्था का सम्मान करना भी है। “हमेशा लोगों की सेवा और सुरक्षा” के ध्येय वाक्य के साथ पुलिस ने भविष्य में भी इसी समर्पण से कार्य करने का संकल्प लिया।

रामनवमी पर ‘बैंड आरती’ से भक्तिमय हुआ माहौल
नौ दिनों तक कड़ी ड्यूटी निभाने के बाद रामनवमी के पावन अवसर पर पुलिस का एक अलग ही रूप देखने को मिला, मां बम्लेश्वरी मंदिर में पुलिस विभाग द्वारा भव्य ‘बैंड आरती’ का आयोजन किया गया, वाद्य यंत्रों की मधुर धुनों और आरती की गूंज से पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय हो उठा,यह आयोजन न केवल आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर रहा, बल्कि उन पुलिस जवानों के सम्मान का प्रतीक भी बना, जिन्होंने दिन-रात सेवा कर मेले को सफल बनाया।
रिपोर्टर राशीद जमाल सिद्दीकी









