मानवता की मिसाल: असहाय मानसिक रूप से विक्षिप्त महिला को मिला नया जीवन, सेंद्री मानसिक चिकित्सालय भेजा गया…….

खैरागढ़ KCG। मानवता, संवेदनशीलता और सामुदायिक सहयोग का सराहनीय उदाहरण खैरागढ़ में सामने आया है, जहां एक 45 वर्षीय मानसिक रूप से अस्वस्थ एवं बेघर महिला को नया जीवन मिला, तालुक विधिक सेवा समिति, पुलिस प्रशासन और स्थानीय नागरिकों के संयुक्त प्रयास से महिला को उपचार हेतु छत्तीसगढ़ राज्य मनोरोग चिकित्सालय, सेंद्री (बिलासपुर) भेजा गया,जानकारी के अनुसार, पैरालीगल वालंटियर गोलूदास साहू को नालसा की योजनाओं के प्रचार-प्रसार के दौरान सूचना मिली कि एक अज्ञात मानसिक रूप से विक्षिप्त महिला सिविल अस्पताल खैरागढ़ में भर्ती है,प्रारंभिक पूछताछ में महिला ने अपना नाम कभी रूखमणी तो कभी अन्य बताया, जिससे उसकी पहचान स्पष्ट नहीं हो सकी,बाद में ग्रामीणों ने बताया कि महिला पिछले एक वर्ष से गांव में भटक रही थी और कचरों के बीच रहकर जीवन यापन कर रही थी,मामले की गंभीरता को देखते हुए पीएलवी गोलूदास साहू तत्काल मौके पर पहुंचे और विकासखंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. विवेक बिसेन से संपर्क कर महिला के उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित कराई, सिविल अस्पताल में डॉ. पंकज वैष्णव एवं उनकी टीम ने महिला का प्राथमिक उपचार किया।



बताया गया कि महिला बीते 5-6 वर्षों से मानसिक रूप से अस्वस्थ होकर भिक्षाटन कर रही थी और उसका कोई परिजन या संरक्षक नहीं है,ऐसी स्थिति में उसके साथ किसी अनहोनी की आशंका भी बनी हुई थी,आगे के उपचार के लिए महिला को छत्तीसगढ़ राज्य मनोरोग चिकित्सालय, सेंद्री (बिलासपुर) रेफर किया गया,मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट निधि शर्मा के निर्देश पर महिला को चिकित्सालय में भर्ती कराया गया, जहां डॉ. प्रीति और उनकी टीम द्वारा उसका इलाज किया जा रहा है,इस सराहनीय कार्य में सरपंच बिमला बाई, उप सरपंच यादराम साहू, सरपंच प्रतिनिधि हरप्रसाद वर्मा, सामाजिक कार्यकर्ता जगदीश वर्मा, वरिष्ठ पत्रकार दिनेश साहू, थाना प्रभारी अनिल शर्मा सहित पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा,यह घटना न केवल प्रशासनिक तत्परता का उदाहरण है, बल्कि मानवीय संवेदना, संस्थागत समन्वय और सामुदायिक जिम्मेदारी की प्रेरक मिसाल बनकर उभरी है।