रायगढ़ में जमीन मुआवजा विवाद ने पकड़ा तूल, किसान नेता की गिरफ्तारी पर हंगामा—कोतरा रोड थाना बना पुलिस छावनी

रायगढ़। रायगढ़ में इन दिनों जमीन मुआवजे को लेकर विवाद गहराता जा रहा है, जिसने अब बड़े आंदोलन का रूप ले लिया है,खरसिया विधानसभा क्षेत्र के ग्राम गेजामुड़ा में अडानी की रेलवे लाइन परियोजना से प्रभावित करीब 28 किसानों का आरोप है कि उनकी जमीन लेने के बाद उन्हें उचित मुआवजा नहीं दिया गया,इसी मुद्दे को लेकर आवाज उठाने वाले किसान ऋषि पटेल की गिरफ्तारी के बाद मामला और भड़क गया है।



परिजनों के अनुसार, ऋषि पटेल को दोपहर करीब 2 बजे Jindal Steel and Power Limited (JSPL) प्लांट में ‘गेट पास में समस्या’ का हवाला देकर बुलाया गया था, जहां से पुलिस उसे अपने साथ ले गई,परिवार का आरोप है कि बिना सूचना दिए उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया, जिसे वे “किडनैपिंग” जैसा मान रहे हैं।


शाम 5 बजे से ऋषि की बुजुर्ग मां, पत्नी और छोटे बच्चे सहित परिजन कोतरा रोड थाना के सामने धरने पर बैठ गए, ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दे रही है, उनका आरोप है कि कंपनियों के दबाव में आकर पुलिस ने ऋषि पर ‘सरकारी काम में बाधा’ जैसी गंभीर धाराएं लगाई हैं।



रविवार तक हालात और तनावपूर्ण हो गए। बढ़ती भीड़ और आक्रोश को देखते हुए कोतरा रोड थाना पूरी तरह पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया, भारी पुलिस बल के साथ एडिशनल एसपी और कई थाना प्रभारी मौके पर तैनात किए गए हैं,मामले की गंभीरता को देखते हुए रायगढ़ एसपी शशि मोहन सिंह ने खुद मोर्चा संभाला और गतिरोध खत्म करने के लिए किसानों के 5 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को बातचीत के लिए बुलाया, फिलहाल कुछ ग्रामीण अधिकारियों से चर्चा कर रहे हैं, लेकिन समाधान अभी तक नहीं निकल पाया है।

ग्रामीणों का आरोप है कि यह कार्रवाई आगामी बड़े आंदोलन को कुचलने की रणनीति का हिस्सा है, उनकी मुख्य मांग है कि ऋषि पटेल पर लगाए गए सभी कथित फर्जी मुकदमे वापस लिए जाएं और उसे तुरंत रिहा किया जाए,इस पूरे घटनाक्रम ने प्रशासन, कंपनियों और ग्रामीणों के बीच टकराव को खुलकर सामने ला दिया है,अब सबकी नजरें प्रशासन और किसानों के बीच चल रही बातचीत पर टिकी हैं कि यह विवाद शांतिपूर्ण समाधान तक पहुंचता है या आंदोलन और उग्र होता है।