रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के दौरान सोमवार को सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण का मुद्दा गरमा गया, विपक्ष और सरकार के बीच तीखी नोकझोंक के बाद सदन में हंगामे की स्थिति बन गई और विपक्षी विधायकों ने नारेबाजी करते हुए, वॉकआउट कर दिया,सदन में चर्चा की शुरुआत हर्षिता स्वामी बघेल ने की। उन्होंने सहकारी केंद्रीय बैंक के भवन निर्माण का मामला उठाते हुए कहा कि टेंडर जारी होने और भूमि पूजन हो जाने के बावजूद अतिक्रमण नहीं हटाए जाने के कारण निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पा रहा है।
इस पर जवाब देते हुए मंत्री केदार कश्यप ने बताया कि भवन निर्माण को वर्ष 2023 में स्वीकृति मिल चुकी है, लेकिन प्रस्तावित स्थान पर पार्किंग और अन्य सुविधाओं के लिए पर्याप्त जगह नहीं होने के कारण अब वैकल्पिक जमीन की तलाश की जा रही है,इस दौरान नेता प्रतिपक्ष भूपेश बघेल ने सरकार पर अतिक्रमणकारियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया और पूछा कि अवैध कब्जे हटाने के लिए सरकार की समयसीमा क्या है, इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस शुरू हो गई, जिसके बाद विपक्षी सदस्य नारेबाजी करते हुए सदन से बाहर चले गए।

प्रश्नकाल के दौरान भी कई अन्य मुद्दों पर चर्चा हुई,विधायक ओंकार साहू ने प्रदेश में ओवरलोडिंग और बिना परमिट या बीमा के चल रहे वाहनों को लेकर सवाल उठाया। इस पर मंत्री केदार कश्यप ने बताया कि पिछले तीन वर्षों में ऐसे 77,810 मामलों में कार्रवाई की गई है और करीब 42 करोड़ 79 लाख 5 हजार 300 रुपये का जुर्माना वसूला गया है। विपक्ष ने इन आंकड़ों पर असंतोष जताते हुए स्पष्ट जानकारी देने की मांग की।
सदन में अन्य विषय भी उठे। बीजेपी विधायक रेणुका सिंह ने नेशनल हेराल्ड को दिए गए विज्ञापनों को लेकर सरकार से जानकारी मांगी। इसके अलावा रायपुर स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत सौंदर्यीकरण कार्यों में कथित अनियमितताओं का मुद्दा भी उठाया गया,बजट सत्र के दौरान धान खरीदी और अफीम की खेती जैसे मुद्दों को लेकर भी विपक्ष ने सरकार को घेरा, हंगामे के बीच सदन की कार्यवाही कई बार बाधित हुई और 29 विधायकों के निलंबन की कार्रवाई भी की गई,कुल मिलाकर बजट सत्र के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच लगातार टकराव की स्थिति बनी रही, जिससे सदन का माहौल कई बार गर्मा गया।









