बलौदाबाजार। आम लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वाले मिलावटखोरों के खिलाफ खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है,कलेक्टर दीपक सोनी के निर्देश पर अभिहित अधिकारी अक्षय कुमार सोनी के मार्गदर्शन में टीम ने भाटापारा स्थित एक दाल मिल का निरीक्षण किया,निरीक्षण के दौरान उड़द दाल में अवैध रंग मिलाने की आशंका सामने आई। मौके से रंग सामग्री और 316 बोरी उड़द दाल जब्त की गई, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 8 लाख रुपये बताई जा रही है।

टीम ने मंगलवार को सुहेला रोड, खोखली स्थित अन्नपूर्णा ट्रेडर्स (दाल मिल) परिसर की भी जांच की वहां एक ड्रम में काला रंग पाया गया, जिसका उपयोग दाल को कृत्रिम रूप से गहरा और आकर्षक बनाने के लिए किए जाने की आशंका है, ताकि उपभोक्ताओं को भ्रमित कर ऊंचे दाम पर बेचा जा सके।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार खाद्य पदार्थों में अवैध रंग मिलाना गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा कर सकता है,इससे पेट संबंधी बीमारियां, एलर्जी, विषाक्त प्रभाव और दीर्घकालीन रोगों का खतरा बढ़ जाता है,मिलावट की आशंका के आधार पर जब्त रंग और दाल के नमूने जांच के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, रायपुर भेजे गए हैं, रिपोर्ट आने के बाद प्रकरण न्यायालय में प्रस्तुत कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

यह कार्रवाई खाद्य सुरक्षा अधिकारी संध्या महिलांग द्वारा की गई, जिसमें भाटापारा पुलिस का भी सहयोग रहा, प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध खाद्य सामग्री की सूचना तत्काल दें, ताकि जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।










