गंडई। नगर पंचायत गंडई में कार्यरत पूर्व दैनिक वेतनभोगी श्रमिकों ने अपने अधिकारों और उचित वेतन की मांग को लेकर आवाज बुलंद की है, ये श्रमिक वर्तमान में ठेका व्यवस्था के तहत कार्य कर रहे हैं, और बीते 5, 10, 15 से लेकर 20 वर्षों से नगर पंचायत में अपनी सेवाएं दे रहे हैं,श्रमिकों का कहना है कि लगभग 20 वर्षों की सेवा के बाद ईपीएफ कटौती उपरांत उन्हें मात्र 9,000 से 10,000 रुपये प्रतिमाह वेतन मिल रहा है, जो वर्तमान महंगाई के दौर में जीवन यापन के लिए अपर्याप्त है।विभिन्न जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे श्रमिक
नगर पंचायत के ये श्रमिक कई महत्वपूर्ण कार्यों में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं, जिनमें—
कंप्यूटर संचालन
राजस्व वसूली
ट्रैक्टर व टिप्पर से कचरा परिवहन
पेयजल पंप संचालन व नल कलेक्शन
शासकीय योजनाओं का क्रियान्वयन
मुक्तिधाम व्यवस्था
सड़क बत्ती एवं विद्युत संचालन
निर्वाचन ड्यूटी
लगभग 14 वर्षों से फायर ब्रिगेड संचालन
जैसे अनेक कार्य शामिल हैं।
कम वेतन में गुजर-बसर मुश्किल

श्रमिकों ने बताया कि इतनी कम आय में परिवार का भरण-पोषण करना अत्यंत कठिन हो गया है, जहां अन्य विभागों के कर्मचारियों को प्रतिमाह 50,000 से 1,00,000 रुपये तक वेतन समय पर मिल जाता है, वहीं नगरीय निकाय के श्रमिक वर्षों की सेवा के बावजूद उचित पारिश्रमिक से वंचित हैं,उनका कहना है कि नगर पंचायत शासन का एक महत्वपूर्ण अंग है, लेकिन यहां कार्यरत कर्मचारियों का लगातार शोषण हो रहा है, जो न्यायसंगत नहीं है।
वेतन भुगतान और वृद्धि की मांग
श्रमिकों ने प्रशासन से मांग की है कि—
अनुभव और सेवा अवधि के आधार पर वेतन में वृद्धि की जाए।
जनवरी माह का लंबित भुगतान शीघ्र किया जाए।
फरवरी माह का वेतन 2 मार्च तक जारी किया जाए।
उन्होंने बताया कि मार्च माह में होली पर्व होने के कारण आर्थिक आवश्यकता और बढ़ जाती है,यदि समय पर भुगतान नहीं हुआ, तो श्रमिक तीन दिवसीय सामूहिक अवकाश पर जाने को मजबूर होंगे।
महंगाई भत्ते को लेकर भी नाराजगी
श्रमिकों ने यह भी कहा कि कलेक्टर महोदय द्वारा महंगाई को ध्यान में रखते हुए समय-समय पर आदेश जारी किए जाते हैं, लेकिन इस बार ऐसा कोई आदेश नहीं हुआ,उनके लिए थोड़ी सी अतिरिक्त राशि भी बहुत मायने रखती है।
“हमें भी चाहिए इंसाफ”
श्रमिकों का कहना है कि आज दुनिया चांद तक पहुंच चुकी है, लेकिन नगर पंचायत के श्रमिक आज भी वहीं के वहीं खड़े हैं, वर्षों की सेवा के बावजूद उन्हें सम्मानजनक वेतन नहीं मिल पा रहा है,उन्होंने शासन और प्रशासन से मांग की है कि उनकी स्थिति पर गंभीरता से विचार कर उन्हें न्यायोचित वेतन और सुविधाएं प्रदान की जाएं, ताकि वे भी सम्मान के साथ जीवन यापन कर सकें।
रिपोर्टर: राशिद जमाल सिद्दीकी










