रायपुर। 1 फरवरी से आयोजित राजिम कल्प कुंभ 2026 में स्थानीय एवं प्रदेश के प्रतिष्ठित संत-साधुओं की उपेक्षा को लेकर असंतोष सामने आया है, इसी मुद्दे पर शनिवार को संत समाज ने प्रेस वार्ता कर अपनी नाराजगी व्यक्त की।

संतों का कहना है कि उन्हें मेले में उचित स्थान नहीं दिया गया और कई प्रमुख संतों के नाम आयोजन समिति की सूची से हटा दिए गए। इससे रायपुर महानगर के मठ-मंदिरों से जुड़े महंतों, पुजारियों और साधु-संतों में रोष व्याप्त है,प्रेस वार्ता में बताया गया कि प्राचीन मठों से जुड़े महंत देवदास जी महाराज, महंत वेदप्रकाश जी, गोंडवाना संत निराहारी महाराज तथा किन्नर अखाड़ा की महामंडलेश्वर सौम्य मां के नाम सूची से काट दिए गए हैं, जो संत समाज के लिए अपमानजनक है।
महंत वेदप्रकाश ने कहा,
“मुझे सचिव जैसे पद देकर लगातार उपेक्षित किया जा रहा है, जिससे मन दुखी है, रायपुर का पूरा संत समाज हमारा परिवार है,किसी का नाम काटकर अपमानित करने का प्रयास किया गया है, जिस अधिकारी या व्यक्ति ने यह किया है, उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।”
संत समाज की मांग
संत समाज ने आयोजन समिति और प्रशासन से मांग की है कि जिन संतों के नाम हटाए गए हैं, उन्हें पुनः सूची में शामिल किया जाए, तथा उन्हें सम्मानजनक स्थान दिया जाए, साथ ही, उपेक्षा के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए,संतों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र ध्यान नहीं दिया गया, तो वे आगे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।










