गंडई /पंडरिया। छत्तीसगढ़ की प्रसिद्ध साहित्यिक संस्था “कृति” सीपत बिलासपुर का रजत जयंती महोत्सव बिलासपुर के पंडित देवकीनंदन दीक्षित सभागार में 8 फरवरी को धूमधाम से संपन्न हुआ,जिसमें पूरे छत्तीसगढ़ से लगभग 250 साहित्यकारों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कृति के अध्यक्ष शरद यादव “अक्स” ने कृति के 25 वर्षों की साहित्यिक उपलब्धियों और गतिविधियों पर प्रकाश डाला तथा उपस्थित साहित्यकारों को संबोधित किया । इस महोत्सव में डॉ. मखीजा , डॉ. विनय पाठक, डॉ. सोमनाथ यादव , डॉ. रामनारायण ध्रुव, मीर अली मीर ,डॉ.पीसी लाल यादव अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
कृति के रजत जयंती वर्ष पर कृति की साहित्यिक पत्रिका ‘एहसास’ के 21 वें अंक का विमोचन संपन्न हुआ, इसी के साथ ही गंडई के साहित्यकार व संस्कृति कर्मी डॉ. पीसी लाल यादव की नई काव्य कृति “जीवन है एक नदी” का भी विमोचन अतिथियों के कर कमल द्वारा किया गया,कार्यक्रम के अध्यक्ष शरद यादव ने इस गरिमामय आयोजन में डॉ. पीसी लाल यादव को उनकी दीर्घकालीन साहित्यिक सेवा के लिए पगड़ी बांधकर, शाल व स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।

डॉ. यादव ने अपने उद्बोधन में “कृति” के रजत जयंती वर्ष पर संस्था के क्रियाकलापों की प्रशंसा करते हुए उनका आभार माना और भविष्य में और भी अच्छा करने के लिए उपस्थित साहित्यकारों को प्रेरित किया,”जीवन है एक नदी” के विमोचन पर उपस्थित साहित्यकारों मनीराम साहू मितान, कन्हैया साहू अमित ,कृष्णा भारती, ईश्वर साहू आरुग ,शरद यादव, मीर अली मीर, रामनारायण ध्रुव आदि ने डॉ. यादव को इस नई पुस्तक के प्रकाशन पर बधाइयां और शुभकामनाएं दी हैं।
रिपोर्टर राशिद जमाल सिद्दीकी










