नईदिल्ली। भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक सहयोग को नई दिशा देने वाला एक अहम कदम सामने आया है। दोनों देशों ने एक अंतरिम व्यापार समझौते (Interim Trade Agreement) के लिए आपसी सहमति से एक ढांचा तय कर लिया है, इस समझौते के लागू होने से अमेरिका में भारतीय उत्पादों पर लगने वाले ऊंचे टैरिफ में कमी आएगी, जिससे भारतीय निर्यातकों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी देते हुए बताया कि भारत और अमेरिका ने एक संयुक्त बयान जारी किया है, जिसमें आपसी लाभ पर आधारित अंतरिम व्यापार समझौते के फ्रेमवर्क की घोषणा की गई है, उन्होंने स्पष्ट किया कि आगे चलकर दोनों देश भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) को अंतिम रूप देने के लिए बातचीत जारी रखेंगे।

निर्यातकों के लिए खुलेंगे नए अवसर
इस समझौते को लेकर विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने कहा कि यह पहल भारतीय निर्यातकों के लिए नए बाजार और बेहतर अवसर लेकर आएगी, उनके अनुसार, यह फ्रेमवर्क भारत-अमेरिका के बीच मजबूत और संतुलित ट्रेड पार्टनरशिप की नींव रखेगा, जिससे ‘मेक इन इंडिया’ को वैश्विक स्तर पर और मजबूती मिलेगी,वहीं, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने इसे दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग को गहरा करने वाला महत्वपूर्ण कदम बताया, उन्होंने कहा कि यह समझौता दीर्घकालिक और टिकाऊ आर्थिक विकास की दिशा में दोनों देशों को साथ मिलकर आगे बढ़ने में मदद करेगा।
इन सेक्टरों को मिलेगा सीधा लाभ
इस अंतरिम फ्रेमवर्क के तहत कई भारतीय उत्पादों पर अमेरिकी शुल्क में कटौती की संभावना है, इसमें प्रमुख रूप से जेनेरिक दवाएं, रत्न-आभूषण, हीरे और विमान से जुड़े पुर्जे शामिल हैं, इन क्षेत्रों में भारत की वैश्विक हिस्सेदारी पहले से ही मजबूत है,इसके अलावा, अमेरिका कुछ भारतीय एयरक्राफ्ट और एयरक्राफ्ट पार्ट्स पर लगाए गए शुल्क हटाने की तैयारी में है, जो पहले राष्ट्रीय सुरक्षा नीतियों के तहत लगाए गए थे, ऑटोमोबाइल और ऑटो पार्ट्स सेक्टर को भी विशेष टैरिफ रियायतें मिलने की उम्मीद है, जिससे निर्यात को नई गति मिलेगी।
व्यापारिक रिश्तों में आएगा नया मोड़
कुल मिलाकर, यह अंतरिम व्यापार समझौता भारत-अमेरिका आर्थिक संबंधों में एक सकारात्मक और निर्णायक मोड़ माना जा रहा है, विशेषज्ञों के अनुसार, यह समझौता आने वाले समय में एक व्यापक और स्थायी द्विपक्षीय व्यापार समझौते का मजबूत आधार बनेगा, जिससे दोनों देशों की अर्थव्यवस्था को लाभ पहुंचेगा।









