गणतंत्र दिवस पर रायगढ़ कलेक्ट्रेट में फहराया गया काला झंडा, प्रशासन पर गंभीर आरोप……

रायगढ़। गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर जिला मुख्यालय रायगढ़ में एक असामान्य और चर्चित घटना सामने आई,रायगढ़ कलेक्ट्रेट परिसर में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने काला झंडा फहराया गया, जिससे प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया।



यह काला झंडा सुविख्यात सामाजिक कार्यकर्ता राधेश्याम शर्मा द्वारा फहराया गया, उन्होंने इसे शोक और विरोध का प्रतीक बताते हुए कहा कि प्रदेश की सरकार, जिला प्रशासन और न्यायपालिका—तीनों ही असंवैधानिक क्रियाकलापों में लिप्त हैं।



श्री शर्मा ने आरोप लगाया कि रायगढ़ के कलेक्टर बड़े औद्योगिक घरानों अडानी और जिंदल के एजेंट की तरह काम कर रहे हैं,उनका कहना है कि रायगढ़ जिले के निवासी पिछले करीब दो दशकों से भीषण औद्योगिक प्रदूषण, सड़क दुर्घटनाओं और औद्योगिक हादसों का दंश झेल रहे हैं, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों की जान जा चुकी है, लेकिन शासन-प्रशासन ने कभी गंभीरता से ध्यान नहीं दिया।



सामाजिक कार्यकर्ता राधेश्याम शर्मा ने यह भी कहा कि लोकतंत्र के तीनों स्तंभों से उनका और जिलेवासियों का भरोसा उठ चुका है,अब अंतिम आस देश के महामहिम राष्ट्रपति से बची है, उन्होंने राष्ट्रपति से गुहार लगाने की बात कहते हुए मांग की कि यदि संभव हो तो प्रदेश और रायगढ़ जिले के लोगों के दर्द को समझते हुए राज्य की “अलोकतांत्रिक सरकार” को बर्खास्त कर प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लागू किया जाए।



घटना की एक अहम और चौंकाने वाली बात यह रही कि काला झंडा फहराए जाने के करीब आधे घंटे तक कलेक्ट्रेट परिसर से किसी भी अधिकारी या कर्मचारी ने उसे हटाने की पहल नहीं की इस दौरान कई अधिकारियों के शासकीय वाहन परिसर से होकर गुजरे, लेकिन किसी ने भी झंडे को हटाने का साहस नहीं किया।


उल्लेखनीय है कि शाम 5:40 बजे नियमानुसार तिरंगा ध्वज सम्मानपूर्वक उतारा गया, जबकि उससे पहले तक काला झंडा परिसर में लगा रहा,इस पूरे घटनाक्रम को लेकर जिले में राजनीतिक और प्रशासनिक चर्चाएं तेज हो गई हैं।