बस्तर। नक्सल प्रभावित बस्तर अंचल में लोकतंत्र ने एक बड़ी और ऐतिहासिक जीत दर्ज की है,बीजापुर, नारायणपुर और सुकमा जिलों के कुल 47 गांवों में पहली बार गणतंत्र दिवस मनाया जाएगा। दशकों तक नक्सल भय के साये में रहे इन गांवों में 26 जनवरी 2026 को तिरंगा फहराया जाएगा और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा।


लंबे समय तक जहां राष्ट्रीय पर्व मनाने की कल्पना भी संभव नहीं थी, वहीं अब सुरक्षा कैंपों की स्थापना और प्रशासन की सक्रिय मौजूदगी से हालात तेजी से बदले हैं, गांवों में सुरक्षा बलों की तैनाती और विकास कार्यों की शुरुआत ने नक्सल प्रभाव को कमजोर किया है।


इन गांवों के ग्रामीणों में गणतंत्र दिवस को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है,डर और खौफ की जगह अब विश्वास और उम्मीद ने ले ली है,ग्रामीण पहली बार खुले मन से राष्ट्रीय पर्व मनाने की तैयारी कर रहे हैं,बच्चों, युवाओं और महिलाओं में विशेष उत्साह है, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की भी रूपरेखा तैयार की जा रही है।


प्रशासन के अनुसार यह बदलाव केवल सुरक्षा का नहीं, बल्कि लोकतंत्र की जड़ों के मजबूत होने का संकेत है,जिन इलाकों में कभी शासन की पहुंच नहीं थी, वहां अब संविधान और तिरंगे की स्वीकार्यता बढ़ी है।

गणतंत्र दिवस 2026 बस्तर के लिए शांति, विश्वास और विकास का प्रतीक बनकर उभरेगा, जो यह दर्शाता है कि संवाद, सुरक्षा और विकास के संयुक्त प्रयास से नक्सल प्रभावित क्षेत्र भी मुख्यधारा में लौट सकते हैं।











