जांजगीर/चांपा। जिले के नैला थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सिवनी नैला में गुरुवार को एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई, जहां मां की गोद में सो रही मात्र 20 दिन की दूधमुंही बच्ची को अचानक एक बंदर ने छीन लिया, और पास ही स्थित कुएं में फेंक दिया।
घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई, चौंकाने वाली बात यह रही कि बच्ची का डायपर पानी में लाइफ जैकेट की तरह काम करता रहा, जिससे वह कुएं के पानी में ऊपर तैरती रही और उसकी जान बच सकी।
बाल्टी के सहारे रेस्क्यू
घटना की जानकारी मिलते ही परिजन और ग्रामीण मौके पर जुट गए,बिना समय गंवाए बाल्टी और रस्सी के सहारे बच्ची को कुएं से सुरक्षित बाहर निकाला गया, इस दौरान सभी की सांसें अटकी रहीं।
नर्स ने दिया CPR, बची जान
इसी दौरान गांव में कथा सुनने आईं एक नर्स मौके पर पहुंचीं। उन्होंने तुरंत बच्ची की हालत को समझते हुए सीपीआर (CPR) दिया, जिससे बच्ची की सांसें लौट आईं।
अस्पताल में भर्ती, हालत स्थिर
बच्ची को तत्काल जांजगीर जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज जारी है,अस्पताल सूत्रों के अनुसार बच्ची की हालत अब स्थिर बताई जा रही है।
गांव में दहशत का माहौल
इस घटना के बाद गांव में बंदरों के आतंक को लेकर दहशत का माहौल है,ग्रामीणों ने प्रशासन से बंदरों की बढ़ती समस्या पर जल्द कार्रवाई की मांग की है,यह घटना न केवल चौंकाने वाली है, बल्कि ग्रामीणों की तत्परता और एक नर्स की सूझबूझ ने एक मासूम की जान बचा ली।










