मकर संक्रांति पर केलो मईया की महाआरती, आस्था की डुबकी के साथ स्वच्छता की पुकार भक्तों का उमड़ेगा सैलाब, केलो नदी को स्वच्छ रखने की मुहिम फिर हुई, तेज……!!

रायगढ़। मकर संक्रांति के पावन पर्व पर केलो नदी तट पर केलो मईया की महा आरती का आयोजन किया जाएगा,परंपरा के अनुसार बड़ी संख्या में श्रद्धालु केलो मईया में आस्था की डुबकी लगाएंगे और पूजा-अर्चना करेंगे, इसी बीच, केलो नदी की स्वच्छता और संरक्षण का मुद्दा एक बार फिर जोर पकड़ता नजर आ रहा है।

केलो मईया का जल आखिर कब स्वच्छ होगा…?

श्रद्धालुओं और जागरूक नागरिकों का सवाल अब भी वही है,केलो मईया का जल आखिर कब स्वच्छ होगा…? वर्तमान में कोयला खदानों और औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाला दूषित जल, साथ ही शहर का गंदा पानी, कई स्थानों पर केलो नदी में मिल रहा है, इससे न केवल धार्मिक आस्था आहत हो रही है, बल्कि पर्यावरण और जनस्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है।

केलो जल सत्याग्रह, दूषित जल के नमूने प्रशासन को सौंपने और तथ्यों के साथ ज्ञापन देने जैसे प्रयास किए हैं,


शहर के अनेक जागरूक संगठनों ने पूर्व में केलो जल सत्याग्रह, दूषित जल के नमूने प्रशासन को सौंपने और तथ्यों के साथ ज्ञापन देने जैसे प्रयास किए हैं, उद्देश्य स्पष्ट है—केलो नदी के प्रदूषण पर रोक लगे और स्थायी समाधान के साथ जल शुद्धिकरण की ठोस व्यवस्था हो, बावजूद इसके, नागरिकों का कहना है कि हर पर्व पर स्वच्छता की बातें होती हैं, लेकिन जमीनी कार्रवाई अब तक पर्याप्त नहीं हो पाई।



आस्था के इस पर्व के दौरान केलो नदी के प्रदूषण का मुद्दा फिर सामने आ सकता है, स्थानीय नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से स्थायी संरक्षण योजना, औद्योगिक अपशिष्ट के नियंत्रण और सीवेज ट्रीटमेंट की प्रभावी व्यवस्था लागू करने की मांग की है।
आस्था के इस पर्व के दौरान केलो नदी के प्रदूषण का मुद्दा फिर
फिलहाल केलो उद्धार समिति के तत्वावधान में मकर संक्रांति पर केलो मईया की महा आरती का आयोजन किया जा रहा है, इस वर्ष भी भव्य आरती की तैयारियां जोरों पर हैं,समिति के स्वयंसेवक केलो तटों की साफ-सफाई में जुटे हैं, ताकि श्रद्धालुओं को स्वच्छ वातावरण मिल सके।



समिति और श्रद्धालुओं का कहना है कि कुछ लोग निरंतर केलो मईया को दूषित कर रहे हैं, लेकिन वे संकल्पित हैं कि मां केलो के जल को सिर-माथे पर लगाकर स्वयं और आने वाली पीढ़ियों को इसके आशीर्वाद का भागी बनाएंगे,मकर संक्रांति के अवसर पर आस्था के साथ-साथ स्वच्छ केलो का संकल्प एक बार फिर शहर की आवाज बनकर उभरा है।