सांस्कृतिक कार्यक्रम की आड़ में अश्लील डांस, वीडियो वायरल होते ही प्रशासन सख्त, SDM हटाए गए, 3 पुलिसकर्मी लाइन अटैच…..!!

गरियाबंद। जिले में सांस्कृतिक कार्यक्रम की आड़ में कराए गए अश्लील डांस का मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है,देवभोग थाना क्षेत्र के ग्राम उरमाल में आयोजित छह दिवसीय ओपेरा कार्यक्रम के दौरान मंच पर हुए आपत्तिजनक प्रदर्शन के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गए,वीडियो सामने आते ही जिलेभर में हड़कंप मच गया और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए।



मामले की गंभीरता को देखते हुए,कलेक्टर भगवान सिंह उईके ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मैनपुर एसडीएम तुलसीदास मरकाम को उनके पद से हटा दिया है,उन्हें कलेक्टोरेट अटैच करते हुए कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया है, कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि इस तरह की गतिविधियों में किसी भी स्तर पर लापरवाही या संलिप्तता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

प्रकरण की निष्पक्ष जांच के लिए कलेक्टर ने अपर कलेक्टर के नेतृत्व में एक जांच समिति का गठन किया है,यह समिति आयोजन की अनुमति, कार्यक्रम के संचालन और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका की गहन जांच करेगी, जांच रिपोर्ट सीधे संभागायुक्त को सौंपी जाएगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।

जानकारी के अनुसार आयोजन समिति ने मनोरंजन कार्यक्रम बताकर मैनपुर एसडीएम से अनुमति ली थी,शुरुआती दो दिनों तक कार्यक्रम सामान्य रहा, लेकिन तीसरे दिन से ओडिशा से बुलाई गई बार बालाओं द्वारा अर्धनग्न अवस्था में अश्लील डांस कराया जाने लगा, इन्हीं दृश्यों के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए, जिससे मामला तूल पकड़ गया।



मामला उस समय और गंभीर हो गया जब यह सामने आया कि कार्यक्रम स्थल पर स्वयं एसडीएम तुलसीदास मरकाम की मौजूदगी थी, आरोप है कि उन्होंने मंच पर हो रहे अश्लील डांस को देखा। वायरल वीडियो में अफसरों, पुलिसकर्मियों और रसूखदार लोगों द्वारा खुलेआम पैसे लुटाने के दृश्य भी दिखाई दे रहे हैं।

वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने भी सख्त कदम उठाए हैं, थाना प्रभारी फैजुल शाह के अनुसार वायरल वीडियो के आधार पर 3 पुलिस कर्मियों को लाइन हाजिर किया गया है, 10 तारीख को मिली लिखित शिकायत के बाद आयोजक देवानंद राजपूत, गोविंद देवांगन, नरेंद्र साहू और हसन डाडा के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 296 (3) (5) के तहत मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया गया,पुलिस ने उसी दिन कार्यक्रम को बंद करवा दिया था,इस पूरे मामले पर एसडीएम तुलसीदास मरकाम ने सफाई देते हुए कहा कि कार्यक्रम में फैली अश्लीलता को देखते हुए,उन्होंने तय तिथि से पहले कार्यक्रम बंद करवाने के निर्देश दिए थे और इसे रुकवाने के लिए स्वयं कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे थे।



प्रशासन ने साफ संदेश दिया है कि सार्वजनिक मंचों पर अश्लीलता फैलाने और नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी,जांच पूरी होने के बाद और भी बड़े फैसले लिए जा सकते हैं।