डेस्क / नई दिल्ली। देश की आर्थिक नीतियों की दिशा तय करने वाला आम बजट 2026 अब ज्यादा दूर नहीं है, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संसद के बजट सत्र को बुलाने की मंजूरी दे दी है, इसके साथ ही बजट सत्र की तारीखों और रूपरेखा पर भी मुहर लग गई है,केंद्र सरकार की सिफारिश पर राष्ट्रपति ने लोकसभा और राज्यसभा के लिए बजट सत्र आहूत करने की स्वीकृति दी है, केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर इसकी जानकारी साझा की।
28 जनवरी से शुरू होगा बजट सत्र
बजट सत्र 2026 की शुरुआत 28 जनवरी 2026 से होगी, इसी सत्र के दौरान वित्त मंत्री संसद में आम बजट 2026 पेश करेंगी, बजट को लेकर टैक्सपेयर्स, नौकरीपेशा वर्ग, किसान और कारोबारी समुदाय की निगाहें सरकार पर टिकी हुई हैं।
दो चरणों में होगा बजट सत्र
बजट सत्र 2026 कुल दो चरणों में आयोजित किया जाएगा—
पहला चरण: 28 जनवरी से 13 फरवरी 2026
दूसरा चरण: 9 मार्च से 2 अप्रैल 2026

पहले चरण के बाद कुछ दिनों के लिए संसद स्थगित रहेगी और फिर दूसरे चरण में कार्यवाही दोबारा शुरू होगी।
29 जनवरी को पेश होगा आर्थिक सर्वेक्षण
बजट से एक दिन पहले यानी 29 जनवरी 2026 को संसद में आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया जाएगा,इसमें देश की मौजूदा आर्थिक स्थिति, विकास दर, महंगाई और अन्य अहम आर्थिक संकेतकों की तस्वीर सामने रखी जाएगी।
आम बजट 2026 कब होगा पेश…?
परंपरा के अनुसार आम बजट सत्र के पहले चरण में ही पेश किया जाता है,ऐसे में संभावना है कि 28 जनवरी से 13 फरवरी के बीच आम बजट 2026 संसद में रखा जाएगा।
दो हिस्सों में क्यों होता है,बजट सत्र….?
बजट सत्र को दो चरणों में रखने का उद्देश्य सांसदों को बजट प्रस्तावों पर गहन चर्चा का समय देना होता है,पहले चरण में बजट पेश होता है और उस पर सामान्य चर्चा होती है,दूसरे चरण में मंत्रालयों की अनुदान मांगों पर विस्तार से बहस होती है और आवश्यक विधेयकों को पारित किया जाता है।
आम लोगों के लिए क्यों अहम है,बजट 2026….?
आम बजट का सीधा असर आम जनता की रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ता है, बजट 2026 में इन मुद्दों पर खास नजर रहेगी—
टैक्स में राहत मिलेगी या नहीं
महंगाई और सब्सिडी से जुड़े फैसले
रोजगार और बुनियादी ढांचे पर खर्च
किसानों, महिलाओं और युवाओं के लिए नई योजनाएं
राजनीतिक रूप से भी अहम रहेगा सत्र
बजट सत्र के दौरान संसद में सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस के आसार हैं, विपक्ष महंगाई, बेरोजगारी और सामाजिक मुद्दों को उठाएगा, जबकि सरकार अपनी आर्थिक नीतियों और विकास योजनाओं का बचाव करेगी,कुल मिलाकर, राष्ट्रपति की मंजूरी के साथ ही आम बजट 2026 की तैयारियां औपचारिक रूप से शुरू हो चुकी हैं, 28 जनवरी से शुरू होने वाला यह बजट सत्र देश की आर्थिक और राजनीतिक दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगा।










