E-KYC गड़बड़ी से राशन वितरण प्रभावित, दुकानदार और उपभोक्ता असमंजस में….

रायगढ़ |रायगढ़ जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत राशन वितरण को लेकर गंभीर अव्यवस्था की स्थिति सामने आ रही है,दिसंबर माह में बड़ी संख्या में राशनकार्ड धारकों को खाद्यान्न का आबंटन नहीं मिल सका, जिससे उपभोक्ताओं में नाराजगी है, वहीं राशन दुकानदार शासन के नियमों और जनता के सवालों के बीच फंसे नजर आ रहे हैं।

जानकारी के अनुसार E-KYC प्रक्रिया के दौरान तकनीकी और प्रशासनिक स्तर पर कई गड़बड़ियां सामने आई हैं,शासन के दिशा-निर्देशों में 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों और 60 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों के लिए E-KYC अनिवार्य नहीं थी, इसके बावजूद कई राशनकार्डों से इन श्रेणियों के हितग्राहियों के नाम काट दिए गए,इसका सीधा असर दिसंबर माह के राशन आबंटन पर पड़ा और संबंधित परिवारों को चावल नहीं मिल सका।

दुकानदार शासन के नियमों और जनता के सवालों के बीच फंसे नजर आ रहे हैं।

स्थिति तब और जटिल हो गई जब कई राशनकार्डों में E-KYC की स्थिति “Waiting for Approval” दिखने के कारण उनका आबंटन भी रोक दिया गया, इससे राशन दुकानों पर उपभोक्ताओं और दुकानदारों के बीच विवाद की स्थिति बनी, दुकानदारों का कहना है कि वे शासन से प्राप्त आबंटन के अनुसार ही वितरण कर सकते हैं, लेकिन नाम कटने और राशन न मिलने की जवाबदेही उन्हीं पर डाली जा रही है।

चौंकाने वाली बात यह है कि कई ऐसे हितग्राही भी सामने आए हैं जिनकी E-KYC प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, इसके बावजूद उनका नाम सूची से हटा दिया गया या दिसंबर का राशन आबंटन निरस्त कर दिया गया, सिस्टम में E-KYC “कंप्लीट” दिखने के बावजूद राशन न मिलने से उपभोक्ता खासे परेशान हैं और इस संबंध में विभागीय स्तर पर भी स्पष्ट जवाब नहीं मिल पा रहा है।

उपभोक्ताओं और दुकानदारों के बीच विवाद की स्थिति बनी

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि जनवरी माह में 60 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों और छोटे बच्चों के कटे हुए नामों पर राशन आबंटन होगा या नहीं, साथ ही दिसंबर माह में जिन हितग्राहियों का चावल कट गया, उनकी भरपाई की जाएगी या नहीं, इस पर भी स्थिति स्पष्ट नहीं है।

जानकारों का कहना है कि यह समस्या केवल रायगढ़ जिले तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ में E-KYC और राशन आबंटन को लेकर इसी तरह की शिकायतें सामने आ रही हैं, इसका सबसे ज्यादा असर राशन दुकानदारों पर पड़ रहा है, जिन्हें उपभोक्ताओं के सवालों और नाराजगी का सामना करना पड़ रहा है, जबकि तकनीकी खामियां उनके नियंत्रण से बाहर हैं।

क्या कहते हैं खाद्य अधिकारी

इस संबंध में खाद्य अधिकारी चितरंजन सिंह ने बताया कि 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए E-KYC माफ है और 60 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों के नाम भी जोड़े जाएंगे,उन्होंने कहा कि जिन राशनकार्डों का अप्रूवल पेंडिंग है, वह भी धीरे-धीरे क्लियर हो जाएगा और स्थिति में सुधार होगा।