खैरागढ़/छुईखदान। गंडई के अंतिम छोर पर बसे ग्राम साल्हेवारा में आयोजित होने वाले पारंपरिक मेले का इस वर्ष भी भव्य शुभारंभ हो गया,मेला उद्घाटन समारोह में पूर्व विधायक कोमल जंघेल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए, इस अवसर पर क्षेत्र में उत्साह और उल्लास का माहौल देखने को मिला।

पूर्व विधायक कोमल जंघेल ने कहा कि साल्हेवारा क्षेत्र का यह मेला वर्षों से ग्रामीण संस्कृति और आपसी मेल-जोल का प्रतीक रहा है,यह मेला न सिर्फ मनोरंजन का साधन है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करता है, उन्होंने आयोजन समिति को सफल आयोजन के लिए बधाई दी।
साल्हेवारा क्षेत्र का अहम केंद्र होने के कारण मेले में आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंच रहे हैं,आयोजकों के अनुसार भारी भीड़ को देखते हुए मेले की अवधि एक सप्ताह और बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।

मेले के आयोजक आसमीर खान ने बताया कि मेले का उद्देश्य मुनाफा कमाना नहीं, बल्कि आसपास के ग्रामीणों को स्वस्थ मनोरंजन उपलब्ध कराना है, उन्होंने कहा कि इस वर्ष मेले में कर्कश झूले, मौत का कुआं सहित कई आकर्षक और रोमांचक झूले लगाए गए हैं, जो दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।
मेले को देखने के लिए लोग अपने परिवार के साथ दूर-दराज क्षेत्रों से पहुंच रहे हैं, वहीं फुटपाथ पर छोटे व्यवसाय करने वाले दुकानदारों और ठेला-फेरी वालों को भी इस मेले से अच्छा रोजगार मिल रहा है, जिससे स्थानीय लोगों की आय में बढ़ोतरी हो रही है,कुल मिलाकर साल्हेवारा का यह मेला सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक दृष्टि से क्षेत्र के लिए खास महत्व रखता है, और ग्रामीणों के बीच खुशी और उत्साह का कारण बना हुआ है।
रिपोर्टर: राशिद जमाल सिद्दीकी










