आदिवासी समाज ने शहीद वीर नारायण सिंह को बलिदान दिवस के रूप में किया नमन, हजारों लोग कलश यात्रा में हुए,शामिल

खैरागढ़ /गंडई। छत्तीसगढ़ के महापुरुष शहीद वीर नारायण सिंह जी का बलिदान दिवस गंडई में आदिवासी समाज द्वारा पूरे श्रद्धा और गौरव के साथ मनाया गया, इस अवसर पर आदिवासी समाज के हजारों लोग शामिल हुए और शीतला मंदिर पंडरिया से भव्य कलश यात्रा निकाली गई।



कलश यात्रा रैली के रूप में सबसे पहले मां गंगाई मंदिर पहुंची, जहां कार्यक्रम के मुख्य अतिथियों एवं समाज के लोगों ने माता रानी के दरबार में पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया, इसके पश्चात यात्रा तिरंगा चौक होते हुए गोंडवाना मैदान स्थित कार्यक्रम स्थल पहुंची, जहां शहीद वीर नारायण सिंह की जीवनी और उनके संघर्षों पर विस्तार से प्रकाश डाला गया।



कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में गंडई के राजा एवं नगर पंचायत अध्यक्ष लाल टाकेश्वर शाह खुशरो उपस्थित रहे। वहीं आदिवासी समाज के जिला अध्यक्ष संत राम छेदीया, नरेश कुमार नागवंशी, सचिव द्वारिका सिंह ठाकुर, अध्यक्ष आदिवासी ध्रुव गोंड समाज गंडई सहित समाज के कई पदाधिकारी एवं गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।



अपने उद्बोधन में लाल टार्केश्वर शाह खुशरो ने कहा कि शहीद वीर नारायण सिंह छत्तीसगढ़ के आदिवासी समाज के 300 गांवों के राजा थे, और उन्होंने अंग्रेजों के खिलाफ लगातार संघर्ष किया। उन्होंने अपनी धरती मां और देश की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया, जब प्रदेश में अकाल और भूखमरी थी, तब वीर नारायण सिंह ने व्यापारियों के गोदामों से अनाज निकलवाकर गरीबों में बांटा, ताकि कोई भूखा न मरे यह आदिवासी समाज के लिए गर्व की बात है कि ऐसे महान वीर इस धरती पर जन्मे।



वहीं संत राम छेदीया ने अपने संबोधन में शहीद वीर नारायण सिंह के बलिदान को याद करते हुए बताया कि जब अंग्रेजों ने उन्हें रायपुर के जय स्तंभ चौक पर फांसी दी, तब भी उनके शव पर गोलियां चलाई गईं, क्योंकि अंग्रेजों को डर था कि कहीं वह जीवित न हों, उनके बलिदान से पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई थी,आज पूरा देश उनके साहस और त्याग को नमन करता है,कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि आदिवासी समाज द्वारा शहीद वीर नारायण सिंह का बलिदान दिवस 10 दिसंबर से 31 दिसंबर तक मनाया जाता है, इस दौरान विभिन्न सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।

टाकेश्वर शाह खुशरो अध्यक्ष नगर पंचायत



समारोह के दौरान समाज की ओर से 10वीं और 12वीं कक्षा में उत्कृष्ट अंक लाने वाले छात्र-छात्राओं को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया,साथ ही बीच-बीच में पारंपरिक सुआ नृत्य की प्रस्तुति ने कार्यक्रम को और भी आकर्षक बना दिया, जिसका उपस्थित लोगों ने भरपूर आनंद लिया,कार्यक्रम में आदिवासी ध्रुव समाज के उपाध्यक्ष अमर सिंह नेताम, परपौड़ी कोमल सिंह खुशरो, फागुन सिंह खुशरो, इंदर मन सिंह धुर्वे, गेंद सिंह जगत, बी.आर. छेदीया सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे,शहीद वीर नारायण सिंह के बलिदान दिवस पर आयोजित यह कार्यक्रम आदिवासी समाज की एकता, गौरव और सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक बनकर सामने आया।

रिपोर्टर: राशिद जमाल सिद्दीकी