किसानों की हुंकार—“ज़मीन पर नहीं बनने देंगे,सीमेंट प्लांट, पहले गोरे से लड़े थे,अब चोरों से लड़ेंगे”

खैरागढ / पंडरिया। जिले के विचारपुर–पंडरिया क्षेत्र में प्रस्तावित सीमेंट प्लांट के विरोध में किसानों की महापंचायत का आयोजन किया गया, जिसमें 55 गांवों के हजारों किसानों ने एकजुट होकर अपनी ज़मीन बचाने का संकल्प लिया, पंचायत में किसानों ने एक स्वर में कहा कि न वे अपनी ज़मीन बेचेंगे और न ही क्षेत्र में किसी भी कीमत पर सीमेंट प्लांट लगने देंगे, चाहे इसके लिए उन्हें कोई भी बलिदान क्यों न देना पड़े।


महापंचायत में किसानों ने नारेबाज़ी करते हुए कहा—
“पहले गोरे अंग्रेजों से लड़े थे, अब चोरों से लड़ेंगे।”
किसानों का कहना था कि उनकी ज़मीन ही उनकी रोज़ी-रोटी, सम्मान और अस्तित्व है, जिसे वे किसी उद्योगपति या सरकार के दबाव में नहीं सौंपेंगे।

नेताओं व अधिवक्ताओ का समर्थन

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता मोतीलाल जंघेल ने कहा कि किसानों की एकता के आगे कोई भी उद्योगपति यहां कदम नहीं रख सकता,उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसानों की ज़मीन पर किसी को कब्ज़ा करने का अधिकार नहीं है।


पूर्व विधायक गिरवर जंघेल, सुधीर गोलछा और प्रमोद सिंह ठाकुर ने कहा कि“किसान की ज़मीन उसकी मां है, और किसान अन्नदाता है, किसी में इतनी ताकत नहीं कि वह किसानों की ज़मीन छीन सके, हमारी एकता के आगे सरकार को भी झुकना पड़ेगा।”

सुधीर गोलछा


किसान सुरक्षा समिति का गठन


महापंचायत के दौरान किसान सुरक्षा समिति का गठन किया गया, जो किसानों के सुख-दुख में साथ देगी और आंदोलन को संगठित रूप से आगे बढ़ाएगी।
संरक्षक : वरिष्ठ अधिवक्ता मोतीलाल जंघेल, पूर्व विधायक गिरवर जंघेल
संयोजक : सुधीर गोलछा
अध्यक्ष : श्रीमती लोकश्वरी जंघेल
उपाध्यक्ष : कामदेव जंघेल, प्रमोद सिंह ठाकुर, उत्तम जंघेल
मीडिया प्रभारी : सौरभ जंघेल
इसके अलावा संजू चंदेल, मन्नू चंदेल सहित कई अन्य लोगों को भी समिति में महत्वपूर्ण दायित्व सौंपे गए।

गिरवर जंघेल पूर्व विधायक


युवाओं ने किया रक्तदान महापंचायत स्थल पर रक्तदान शिविर का भी आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में युवाओं ने रक्तदान कर सामाजिक एकजुटता का संदेश दिया,मंच से उद्योगपतियों को ललकार उत्तम दशमत जंघेल ने मंच से उद्योगपतियों को ललकारते हुए, कहा कि यह इलाका तीन फसल वाला क्षेत्र है,और यहां के किसानों को किसी भी उद्योग की आवश्यकता नहीं है।

दशमत जंघेल


वहीं उमेश जंघेल ने कहा कि सीमेंट प्लांट लगाकर किसानों को बेरोज़गार करने की साज़िश की जा रही है, लेकिन किसान अपनी धरती की पूजा करते हैं,और किसी भी कीमत पर यहां प्लांट नहीं लगने देंगे,महापंचायत के अंत में किसानों ने साफ चेतावनी दी कि यदि प्रशासन या उद्योग समूह जबरन प्लांट लगाने की कोशिश करेंगे, तो आंदोलन और तेज़ किया जाएगा।

रिपोर्टर : राशिद जमाल सिद्दीकी