ठंड में ठिठुरता शहर, नगर निगम की लापरवाही उजागर…!!

रायगढ़। इस ठिठुरती ठंड में निगम प्रशासन बेपरवाह बस स्टेंड में गिली लकड़ी अलाव हेतु,सतीगुड़ी सहित अन्य चौक चौराहों में अलाव व्यवस्था नदारत फ़ाइल वाले बाबा जनता के लिए भी फ़ाइल खोल दीजिए प्लीज… शहर में लगातार बढ़ती ठंड ने आमजन की परेशानियां बढ़ा दी हैं, लेकिन इस बीच नगर निगम की लापरवाही भी खुलकर सामने आ रही है, हर वर्ष नवंबर–दिसंबर की शुरुआत में शहर के प्रमुख चौक–चौराहों, बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन पर अलाव की व्यवस्था की जाती है, ताकि राहगीरों, यात्रियों और जरूरतमंद लोगों को राहत मिल सके, मगर इस वर्ष अब तक कहीं भी अलाव की व्यवस्था नहीं की गई है।



रात के समय तापमान तेजी से गिर रहा है, बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन पर देर रात तक आने–जाने वाले यात्री कड़ाके की ठंड में ठिठुरने को मजबूर हैं, खासकर महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं।

यात्रियों की मजबूरी: प्लास्टिक जलाकर ले रहे गर्मी

बस स्टैंड परिसर में मौजूद यात्री अजय खलखो ने बताया,
“हर साल यहां अलाव की व्यवस्था रहती थी, लेकिन इस बार कुछ भी नहीं है,मजबूरी में लोग प्लास्टिक जला रहे हैं, जिससे धुआं फैल रहा है,और सांस लेने में दिक्कत हो रही है।”

नहीं हो रहा, कलेक्टर के निर्देश का पालन

वहीं रेलवे स्टेशन पर ट्रेन का इंतजार कर रहीं महिला यात्री सुषमा तिर्की ने कहा,“रात में बच्चों के साथ सफर करना बहुत मुश्किल हो जाता है, अगर अलाव होता तो थोड़ी राहत मिलती, लेकिन निगम की ओर से कोई व्यवस्था नहीं की गई है।”

वर्तमान बस स्टैंड की फोटो



नगर निगम की चुप्पी पर उठे सवाल

स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर निगम की ओर से न तो अलाव की व्यवस्था की गई है,और न ही किसी प्रकार की सूचना या तैयारी दिखाई दे रही है,यहां तक कि बस स्टैंड परिसर में एक पेड़ की जड़ छोड़ दी गई है, जो किसी काम की नहीं है और यात्रियों को परेशानी हो रही है।

गौरतलब है कि पहले भी इस मुद्दे को मीडिया द्वारा उठाया गया था, जिस पर कलेक्टर श्री चतुर्वेदी ने व्यापक दिशा-निर्देश दिए थे, इसके बावजूद वर्तमान में नगर निगम की लापरवाही सामने आना प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है।

सामाजिक संगठन भी इस ओर नहीं हैं,ध्यान

कई सामाजिक व स्वयंसेवी संगठनों ने नगर निगम से मांग की है, कि शहर के सभी प्रमुख स्थानों पर तत्काल अलाव की व्यवस्था की जाए, उनका कहना है कि ठंड लगातार बढ़ रही है, और ऐसे में गरीब, बेघर और बाहर से आने वाले यात्री सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।



क्रिसमस और कुनकुरी यात्रियों की बढ़ी आवाजाही

क्रिसमस पर्व नजदीक है, और कुनकुरी सहित अन्य क्षेत्रों की ओर जाने वाले यात्रियों की संख्या भी बढ़ गई है,इसके बावजूद न तो बस स्टैंड, न रेलवे स्टेशन और न ही शहर के चौक–चौराहों पर अलाव की कोई व्यवस्था नजर आ रही है।

कब जागेगी शहर सरकार…?

शहरवासी अब उम्मीद लगाए बैठे हैं कि नगर निगम और प्रशासन समय रहते इस समस्या पर ध्यान देगा और नागरिकों को राहत पहुंचाएगा, फिलहाल बड़ा सवाल यही है कि क्या शहर सरकार नागरिकों की तकलीफ को समझते हुए जल्द ठोस कदम उठाएगी, या ठंड में ठिठुरते लोगों की आवाज यूं ही अनसुनी रह जाएगी।