देश में शुरू हुई नई इलेक्ट्रॉनिक टोल प्रणाली, एक वर्ष में खत्म हो जाएंगे, पारंपरिक टोल प्लाज़ा

नई दिल्ली। शीतकालीन सत्र के दौरान गुरुवार को लोकसभा में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने सड़क यातायात व्यवस्था में बड़ा बदलाव लाने वाला ऐलान किया,उन्होंने बताया कि नई इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन प्रणाली की शुरुआत कर दी गई है,प्रारंभिक चरण में यह तकनीक 10 स्थानों पर लागू की गई है और एक वर्ष के भीतर इसे पूरे देश में विस्तार दे दिया जाएगा।



गडकरी ने कहा कि नई तकनीक के लागू होने के बाद पारंपरिक टोल प्लाज़ा प्रणाली समाप्त हो जाएगी, उन्होंने सदन में स्पष्ट कहा, “टोल के नाम पर आपको कोई नहीं रोकेगा,एक साल के भीतर इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन पूरे देश में लागू होगा।”

मंत्री ने यह भी जानकारी दी कि वर्तमान में देशभर में करीब 10 लाख करोड़ रुपये की 4,500 से अधिक राजमार्ग परियोजनाएं तेज़ी से निर्माणाधीन हैं,नई व्यवस्था को देश के राजमार्ग नेटवर्क को तेज़, सुरक्षित और अधिक कुशल बनाने की दिशा में उठाया गया बड़ा कदम बताया जा रहा है।

FASTag न होने पर पहले दी गई राहत

गौरतलब है कि इसी वर्ष अक्टूबर में केंद्र सरकार ने FASTag न होने पर दोगुना शुल्क वसूली में ढील देते हुए बड़ा फैसला लिया था, नए नियम के तहत यदि किसी वाहन में FASTag नहीं है या वह काम नहीं कर रहा है, तो चालक UPI से भुगतान करने पर केवल 1.25 गुना टोल टैक्स ही देगा, जबकि पहले नकद भुगतान पर दोगुना शुल्क देना पड़ता था।



यह नई व्यवस्था 15 नवंबर से देशभर के सभी टोल प्लाज़ा पर लागू हो चुकी है।

क्या होंगे फायदे?

विशेषज्ञों का कहना है कि इलेक्ट्रॉनिक टोल प्रणाली लागू होने के बाद देश की हाईवे प्रणाली अधिक स्मार्ट, पारदर्शी और जाम-रहित होगी, इससे न केवल यात्रियों का समय बचेगा, बल्कि ईंधन की खपत भी कम होगी और राजस्व संग्रहण और निगरानी अधिक सटीक हो सकेगी।