बलरामपुर। जिले में धान की कालाबाजारी पर रोक लगाने प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है, इसी क्रम में बुधवार को एक और बड़ी कार्रवाई की गई, जिसमें कुल 429 बोरी अवैध धान जप्त करते हुए एक पिकअप वाहन को भी कब्जे में लिया गया, लगातार हो रही इन कार्रवाइयों से धान के बिचौलियों और अवैध व्यापारियों में हड़कंप का माहौल है।
सूत्रों के अनुसार, एसडीएम के निर्देश पर नायब तहसीलदार रवि भोजवानी के नेतृत्व में राजस्व विभाग, पटवारी और पुलिस टीम ने संयुक्त कार्रवाई की टीम को सूचना मिली थी कि क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अवैध धान का भंडारण और परिवहन किया जा रहा है, इस सूचना के आधार पर अलग-अलग स्थानों पर छापामार कार्रवाई की गई।
पहली कार्रवाई बलरामपुर तहसील क्षेत्र में हुई, जहां जमुआटांड गांव में एक घर में भारी मात्रा में धान के बोरे संदिग्ध तरीके से भंडारित होने की जानकारी मिली थी,मौके पर पहुंची टीम ने घर की तलाशी ली, जहां से कुल 367 बोरी अवैध धान बरामद किया गया,धान के वैध दस्तावेज प्रस्तुत न किए जाने पर पूरे स्टॉक को प्रशासन ने तत्काल जप्त कर लिया।
दूसरी कार्रवाई रामचंद्रपुर तहसील में की गई, जहां एक पिकअप वाहन से 62 बोरी धान झारखंड से लाए जाने की जानकारी मिली थी। प्रशासन ने वाहन को रोककर जांच की, जिसमें धान परिवहन का कोई दस्तावेज नहीं मिला,इसके बाद पिकअप वाहन समेत पूरा माल जप्त कर लिया गया।
प्रशासन का कहना है कि खरीदी सीजन के दौरान धान की कालाबाजारी रोकने के लिए सघन निगरानी की जा रही है, अवैध परिवहन और भंडारण में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा, राजस्व और पुलिस विभाग की टीमें लगातार फील्ड में तैनात हैं,और संदिग्ध स्थानों पर कार्रवाई जारी रहेगी।
लगातार हो रही इन सख्त कार्रवाइयों ने धान के बिचौलियों में दहशत फैला दी हैं,अधिकारियों ने कहा है कि किसानों के हितों की रक्षा के लिए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है, और अवैध धान व्यापार के विरुद्ध अभियान आगे भी जारी रहेगा।










