लगातार चौथे दिन इंडिगो की उड़ानें प्रभावित, देशभर में 550 फ्लाइट्स रद्द — यात्रियों की बढ़ी परेशानी

नई दिल्ली/मुंबई। देश की प्रमुख एयरलाइन इंडिगो का परिचालन संकट थमने का नाम नहीं ले रहा है, शुक्रवार को लगातार चौथे दिन एयरलाइन की उड़ान सेवाएं बुरी तरह प्रभावित रहीं, स्थिति यह रही कि दिल्ली सहित देश के विभिन्न प्रमुख हवाई अड्डों से लगभग 550 उड़ानें रद्द करनी पड़ीं, लगातार कैंसिल हो रही, उड़ानों के कारण एयरपोर्ट्स पर अफरातफरी का माहौल बना रहा,और यात्रियों को गंभीर असुविधाओं का सामना करना पड़ा कई यात्रियों ने सोशल मीडिया पर शिकायत करते हुए कहा कि न केवल उनकी फ्लाइट अचानक रद्द हुई बल्कि कई मामलों में सामान तक गुम हो गया।

पिछले चार दिनों में रद्द उड़ानों की कुल संख्या 1000 से अधिक हो चुकी है, जिसने देशभर में इंडिगो की सेवा संचालन क्षमता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

शहरवार स्थिति गंभीर
शुक्रवार को दिल्ली एयरपोर्ट पर 135 उड़ानें रद्द हुईं, जबकि 90 आने वाली फ्लाइट्स भी प्रभावित रहीं, इसी तरह बेंगलुरु से 102 और हैदराबाद से 92 उड़ानें रद्द की गईं, मुंबई एयरपोर्ट पर भी संकट का असर दिखा, जहां 53 प्रस्थान और 51 आगमन उड़ानें रद्द हुईं। कुल मिलाकर मुंबई में 104 उड़ानें बाधित रहीं।

संकट का मूल कारण: क्रू की कमी
एविएशन विशेषज्ञों का कहना है कि यह संकट पायलट और केबिन क्रू की कमी की वजह से उत्पन्न हुआ है,नए एफडीटीएल नियम लागू होने के बाद पायलटों की ड्यूटी अवधि और विश्राम समय में बदलाव किया गया है, नए नियमों के अनुसार—



साप्ताहिक विश्राम समय 36 से बढकर 48 घंटे

सप्ताह में दो से अधिक नाइट लैंडिंग नहीं

लगातार केवल दो नाइट ड्यूटी की अनुमति


इन बदलावों के चलते बड़ी संख्या में पायलट अनिवार्य विश्राम पर हैं, जिससे उड़ान संचालन प्रभावित हो रहा है।

एयरलाइन ने मांगी छूट, 8 दिसंबर से कम होंगी उड़ानें
इंडिगो ने डीजीसीए को सूचित किया है कि 8 दिसंबर से उड़ानों की संख्या कम की जाएगी, ताकि शेड्यूल को व्यवस्थित किया जा सके, साथ ही एयरलाइन ने 10 फरवरी तक नाइट ऑपरेशन में नियमों में छूट की मांग की है,कंपनी ने उम्मीद जताई है कि तब तक हालात सामान्य होने लगेंगे,एयरलाइन ने यात्रियों से अपील की है कि घर से निकलने से पहले फ्लाइट स्टेटस की पुष्टि जरूर कर लें।

केंद्र सरकार सख्त
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू ने गुरुवार को स्थिति की समीक्षा की और एयरलाइन को किराया न बढ़ाने की सख्त चेतावनी दी,साथ ही एयरपोर्ट अथॉरिटी और डीजीसीए को निर्देश दिया गया है कि फंसे हुए यात्रियों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाए,यह संकट कब थमेगा, यह अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन यात्रियों को फिलहाल अतिरिक्त सावधानी और तैयारी के साथ यात्रा की योजना बनाने की आवश्यकता है।