रायपुर । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस माह के अंत में एक बार फिर रायपुर आने वाले हैं, इस बार उनका दौरा नया रायपुर में प्रस्तावित अखिल भारतीय डीजी-आईजीपी कांफ्रेंस में शिरकत को लेकर तय माना जा रहा है, दौरे की प्रारंभिक सूचना मिलते ही राज्य सरकार, जिला प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय मोड में आ गई हैं, वहीं राजनीतिक हलकों में सबसे अधिक चर्चा इस बात को लेकर है कि प्रधानमंत्री पहली बार कुशाभाऊ ठाकरे परिसर, प्रदेश भाजपा कार्यालय पहुंच सकते हैं।
28 नवंबर को रोड शो की तैयारी
सूत्रों के अनुसार प्रधानमंत्री मोदी 28 नवंबर की शाम रायपुर पहुंचेंगे,उनके विमानतल आगमन के बाद ठाकरे परिसर तक रोड शो आयोजित करने की योजना बनाई गई है, हालांकि पीएमओ से अंतिम स्वीकृति अभी प्राप्त नहीं हुई है, लेकिन भाजपा संगठन ने इसे लगभग तय मानते हुए, तैयारियाँ तेज कर दी हैं, पार्टी नेतृत्व में बैठकों और समन्वय की गतिविधियों में तेजी देखी जा रही है।
पहली बार भाजपा कार्यालय का संभावित दौरा
अब तक के सभी दौरों में प्रधानमंत्री रायपुर स्थित बीजेपी कार्यालय नहीं पहुंचे थे और न ही कभी वहां रात्रि प्रवास किया, लेकिन इस बार पार्टी संगठन ने औपचारिक निमंत्रण भेजा है, स्वीकृति मिलते ही कार्यक्रम को सार्वजनिक कर दिया जाएगा, दौरे के दिन पूरे परिसर को हाई-सिक्योरिटी ज़ोन में बदलने की तैयारी है, तथा प्रवेश केवल अधिकृत व्यक्तियों को ही मिलेगा।

स्वागत की भव्य तैयारियां
भाजपा संगठन प्रधानमंत्री के स्वागत को लेकर विशेष उत्साहित है,विमानतल से लेकर ठाकरे परिसर तक दर्जनभर स्थानों पर स्वागत मंच प्रस्तावित किए गए हैं,इन मंचों पर पार्टी पदाधिकारियों के साथ छत्तीसगढ़ी लोक कलाकार, नृत्य दल और सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने की योजना है, इससे पहले 31 अक्टूबर के कार्यक्रम में भी इसी प्रकार की तैयारियाँ थीं, लेकिन अंतिम समय में शेड्यूल बदलने से इन्हें लागू नहीं किया जा सका।
प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां सतर्क
प्रधानमंत्री के संभावित दौरे को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा एजेंसियां लगातार समीक्षा बैठकों में जुटी हैं,यातायात व्यवस्था, मार्ग सुरक्षा, प्रवेश नियंत्रण और प्रोटोकॉल से जुड़े मुद्दों की गहन जांच की जा रही है, विभिन्न विभागों को समन्वित तैयारी के निर्देश दिए गए हैं,प्रधानमंत्री के इस संभावित दौरे को भाजपा संगठन ऐतिहासिक अवसर की तरह देख रहा है, राजनीतिक गलियारों में भी इसे लेकर व्यापक चर्चाएँ जारी हैं,और इसे प्रदेश की राजनीति पर गहरे प्रभाव वाला कार्यक्रम माना जा रहा है।










