नईदिल्ली। इस वर्ष भारत में मानसून ने अपना प्रभावशाली प्रदर्शन किया और रिकॉर्ड तोड़ बारिश के बाद भले ही वह आधिकारिक रूप से विदा हो चुका है, लेकिन देश के कई हिस्सों में बारिश का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा,भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 18 से 22 नवंबर तक दक्षिण और द्वीपीय क्षेत्रों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
केरल में पांच दिन तक जोरदार बारिश की संभावना
मानसून की पहली दस्तक पाने वाला केरल एक बार फिर बारिश के प्रभाव में आ सकता है। IMD के अनुसार 18 से 22 नवंबर के बीच राज्य के कई जिलों में भारी बारिश, तेज हवाएँ, गरज-चमक और आंधी चलने की संभावना है, तटीय और पहाड़ी इलाकों में प्रशासन ने लोगों को विशेष सतर्कता बरतने को कहा है।
तमिलनाडु में भी तेज बारिश का अलर्ट
तमिलनाडु में भी अगले पाँच दिनों तक बारिश का दौर मजबूत रहने की उम्मीद है, मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि कई जिलों में भारी वर्षा के साथ बिजली गिरने और तेज गर्जना की घटनाएँ हो सकती हैं, इसका असर स्कूलों, कॉलेजों और परिवहन व्यवस्था पर पड़ सकता है।

आंध्रप्रदेश में रुक-रुक कर बारिश
आंध्रप्रदेश में भी बारिश की गतिविधि बढ़ सकती है, तटीय क्षेत्रों में 18 से 22 नवंबर तक भारी वर्षा की आशंका जताई गई है, मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है, जबकि प्रशासन ने सुरक्षा तैयारियों को पुख्ता करने के निर्देश दिए हैं।
लक्षद्वीप और अंडमान-निकोबार में भी मौसम बिगड़ने के संकेत
द्वीपीय क्षेत्रों—लक्षद्वीप, अंडमान-निकोबार, माहे, यनम और रायलसीमा—में भी तेज हवाओं और भारी बारिश की संभावना है,इससे समुद्री गतिविधियाँ, पर्यटन और स्थानीय परिवहन प्रभावित हो सकते हैं,ऊंची समुद्री लहरों को देखते हुए सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
उत्तर भारत में बढ़ेगी ठंड
दक्षिण में बारिश सक्रिय होने के विपरीत उत्तर भारत में ठंड में तेजी से बढ़ोतरी देखी जा रही है, राजस्थान और दिल्ली में न्यूनतम तापमान में गिरावट जारी रहेगी, हालांकि दिन में धूप खिली रहने की उम्मीद है, जिससे हल्की राहत मिल सकती है।
जनता के लिए जरूरी सावधानियाँ
तटीय और पहाड़ी इलाकों में अनावश्यक यात्रा से बचें।
बिजली कड़कने के दौरान खुले क्षेत्रों से दूर रहें।
नदियों और समुद्र तटों के पास न जाएँ।
मौसम विभाग द्वारा जारी अलर्ट और अपडेट पर भरोसा करें।
बच्चों और बुजुर्गों का ध्यान रखें और भारी बारिश वाले क्षेत्रों में सुरक्षित स्थान पर रहें।
दक्षिण भारत में जहां बारिश का कहर देखने को मिल सकता है, वहीं उत्तर भारत में ठंड का असर बढ़ जाएगा, ऐसे में IMD द्वारा जारी चेतावनियों का पालन करना अत्यंत आवश्यक है,ताकि जनजीवन पर मौसम के प्रभाव को कम किया जा सके।










