सुकमा। नक्सल मोर्चे से जुड़ी अब तक की सबसे बड़ी सफलता में सुरक्षा बलों ने कुख्यात नक्सली और दंडकारण्य स्पेशल जोन कमेटी के शीर्ष सदस्य माड़वी हिड़मा को आंध्र प्रदेश–छत्तीसगढ़ बॉर्डर पर हुई मुठभेड़ में मार गिराया है, मंगलवार सुबह आंध्र प्रदेश के एएसआर जिले के रामपचोदवरम उपमंडल स्थित मारेदुमिल्ली के पास हुई इस कार्रवाई में हिड़मा की पत्नी मदगाम राजे समेत छह नक्सली ढेर किए गए।

गृह मंत्री अमित शाह की प्रतिक्रिया
हिड़मा के मारे जाने की आधिकारिक पुष्टि के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इसे सुरक्षा बलों की ऐतिहासिक उपलब्धि बताया,उन्होंने शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठक कर आगे की रणनीति पर चर्चा की और इस सफलता के लिए सभी जवानों की सराहना की,सूत्रों के अनुसार, सुरक्षा बलों ने हिड़मा के खात्मे के लिए 30 नवंबर 2025 तक की समय सीमा निर्धारित की थी, लेकिन उससे पहले ही यह मिशन पूरा कर लिया गया।

कौन था माड़वी हिड़मा…?
असली नाम: संतोष उर्फ इंदमुल उर्फ पोडियाम भीमा
जन्म: सुकमा जिले के पूवर्ती गांव में
नक्सल संगठन से जुड़ाव: वर्ष 1990
मात्र 13 वर्ष की उम्र में टॉप कमेटी में शामिल
10वीं तक शिक्षित, हमेशा नोटबुक साथ रखने के लिए जाना जाता था
फिलीपींस में गुरिल्ला युद्ध की ट्रेनिंग ली थी
हिड़मा बस्तर क्षेत्र में नक्सल हिंसा का सबसे कुख्यात चेहरा माना जाता था और बड़े हमलों का मास्टरमाइंड था।

बड़े हमले जिनमें था हिड़मा का हाथ
2010 ताड़मेटला हमला: CRPF के 76 जवान शहीद
2013 झीरम घाटी हमला: कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं की हत्या
2017 बुरकापाल हमला: CRPF के 25 जवान शहीद
मुठभेड़ और बरामद हथियार
मुठभेड़ स्थल से दो AK-47 राइफल, एक पिस्तौल और एक रिवॉल्वर बरामद की गई है। अनुमान है कि इनमें से एक AK-47 हिड़मा की ही थी, जो हमेशा इसी हथियार के साथ दिखता था।
नक्सलियों पर बढ़ता दबदबा
हाल के दिनों में हिड़मा के गांव और आसपास के क्षेत्रों—मुलेर, परिया, टेकलगुडेम, पूवर्ती, सलातोंग, पुलनपाड़—में नए पुलिस कैंपों की स्थापना से नक्सलियों की आवाजाही और सप्लाई लाइन में बड़ी बाधा आई है,गोल्लाकुंडा क्षेत्र में कैंप खुलने के बाद बीजापुर–सुकमा के भीतरू क्षेत्रों में सुरक्षा बलों की पकड़ और मजबूत हुई है।
मुठभेड़ में मारे गए नक्सलियों की सूची
1. हिड़मा – CC सदस्य
2. मदगाम राजे – हिड़मा की पत्नी, SZCM
3. लकमल – DCM सदस्य
4. कमलू – PPCM सदस्य
5. मल्ला – PPCM सदस्य
6. देवे – हिड़मा का रक्षक
हिड़मा का खात्मा नक्सल विरोधी अभियान में एक निर्णायक मोड़ माना जा रहा हैं, सुरक्षा एजेंसियों का मानना है, कि इससे नक्सली संगठन की कमर टूटेगी और नए नेतृत्व को उभरने से रोकने में मदद मिलेगी।










