रायपुर। छत्तीसगढ़ में धान खरीदी सीजन के बीच सहकारी समिति कर्मचारियों की हड़ताल ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है, धान उपार्जन केंद्रों में तैनात कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी है, जिसके कारण 15 नवंबर से शुरू हुई धान खरीदी प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।

सोमवार को राजधानी रायपुर में सहकारी समिति कर्मचारी संघ ने सामूहिक इस्तीफा देकर सरकार के खिलाफ अपने विरोध को और तीव्र कर दिया,कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि मांगें पूरी नहीं हुईं, तो वे 18 नवंबर से जेल भरो आंदोलन शुरू करेंगे।
एफआईआर से भड़के कर्मचारी
कर्मचारी संगठन के आंदोलन की बड़ी वजह सहकारी समितियों के करीब 30 पदाधिकारियों पर दर्ज की गई FIR है,इन कार्रवाइयों के बाद कर्मचारियों में भारी आक्रोश है, इसी विरोध के तहत कर्मचारियों ने प्रदेश के मुख्यमंत्री और राज्यपाल के नाम सामूहिक इस्तीफा तहसीलदार के माध्यम से सौंपा।

पांचों संभाग मुख्यालयों में विरोध
राज्य के पांचों संभाग मुख्यालयों में कर्मचारियों ने सामूहिक ज्ञापन सौंपकर FIR वापस लेने और मांगों को स्वीकार करने की मांग उठाई है।
12 नवंबर से जारी हड़ताल
सहकारी समिति कर्मचारी संघ की हड़ताल 12 नवंबर से संभाग स्तर पर शुरू हुई थी, जो अब पूरे प्रदेश में फैल चुकी है,हड़ताल में लगभग 18,000 कर्मचारी शामिल हैं, जिनमें सेल्समेन, चौकीदार, लिपिक, लेखापाल, सहायक प्रबंधक और कंप्यूटर ऑपरेटर शामिल हैं।

कर्मचारियों की हड़ताल जारी रहने से धान खरीदी पर गहरा असर पड़ रहा है, और किसानों को भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। सरकार और कर्मचारी संघ के बीच बातचीत की संभावना पर सभी की निगाहें टिकी हैं।










