रायगढ। राजनीति में जब संवेदनशीलता और सेवा की भावना सामने आती है, तो वह एक साधारण घटना भी समाज के लिए प्रेरणा बन जाती है, ऐसा ही एक प्रेरक उदाहरण खरसिया के लोकप्रिय विधायक उमेश पटेल ने पेश किया, जब उन्होंने सड़क किनारे खड़ी एक बुजुर्ग महिला की मदद कर उन्हें सुरक्षित उनके गंतव्य तक पहुँचाया।

घटना उस समय की है, जब विधायक उमेश पटेल हालाहुली से एक दशकर्म कार्यक्रम में शामिल होकर अपने काफिले के साथ लौट रहे थे। रास्ते में, घघरा गाँव के पास एक बुजुर्ग महिला ने सड़क किनारे खड़े होकर गाड़ी रोकने का इशारा किया। आमतौर पर ऐसी परिस्थितियों में लोग अनदेखा कर आगे बढ़ जाते हैं, लेकिन उमेश पटेल ने तुरंत मानवीय संवेदनाएं दिखाते हुए अपने ड्राइवर से गाड़ी रोकने को कहा।
गाड़ी रुकते ही विधायक ने खिड़की से झुककर पूछा – “माँ, कहां जाना है?”
थरथराती आवाज़ में महिला ने कहा – “बेटा, खरसिया जाहूँ … छोड़ देबे का।”
यह सुनते ही उमेश पटेल ने अपने सुरक्षाकर्मी को दूसरी गाड़ी में भेजा और बुजुर्ग महिला को खुद की गाड़ी में बैठाया।

पूरे रास्ते महिला सहज रहीं और उन्हें यह भी अंदाज़ा नहीं था कि उनके साथ यात्रा कर रहे व्यक्ति वही हैं, जो क्षेत्र के विधायक हैं, खरसिया पहुँचने पर, जब गाड़ी रुकी तो महिला ने उमेश पटेल को आशीर्वाद देते हुए कहा – “खुश रह बेटा, भगवान तोला बड़ा करे।”

इस छोटी-सी घटना ने खरसिया की जनता का दिल छू लिया है। सोशल मीडिया से लेकर गलियों और चौपालों तक, हर जगह लोग इस संवेदनशील कार्य की चर्चा कर रहे हैं,लोग कह रहे हैं – “ऐसा नेता मिलना भाग्य की बात है, जो जनता को अपने परिवार की तरह समझे।”










