मध्यप्रदेश दिव्यांग पेंशन मामले में सबसे पीछे: दिग्विजय सिंह ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर जताई चिंता….


भोपाल। राज्यसभा सांसद एवं मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने प्रदेश में दिव्यांगजनों को दी जा रही पेंशन की स्थिति को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को एक पत्र लिखा है, इस पत्र में उन्होंने हाल ही में दैनिक भास्कर में 23 जून 2025 को प्रकाशित एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए,चिंता व्यक्त की है, कि इस मामले में मध्यप्रदेश देश के अन्य राज्यों की तुलना में बेहद पीछे रह गया है।



पत्र में श्री सिंह ने बताया कि देश के कई राज्यों में दिव्यांगजनों को कहीं अधिक पेंशन दी जा रही है,—जैसे आंध्रप्रदेश में ₹6000 प्रति माह, हरियाणा में ₹3000, दिल्ली में ₹2500, गोवा में ₹2000 और केरल में ₹1600 प्रतिमाह की सहायता राज्य सरकारें प्रदान कर रही हैं, इसके मुकाबले मध्यप्रदेश में यह राशि बेहद कम है।

दिग्विजय सिंह ने यह भी उल्लेख किया कि प्रदेश में वृद्धावस्था, विधवा और दिव्यांग पेंशन योजनाएं कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में प्रारंभ की गई थीं, उनके अनुसार उनके मुख्यमंत्री रहते हुए,दिव्यांगजनों को ₹300 प्रतिमाह की पेंशन दी जाती थी।

जिसे कांग्रेस की कमलनाथ सरकार ने बढ़ाकर ₹600 कर दिया था, उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने इस पेंशन राशि में अब तक एक भी रुपए की वृद्धि नहीं की है।

पूर्व मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से आग्रह किया है कि वे प्रदेश के वृद्धजनों, विधवा महिलाओं और दिव्यांगजनों को लाड़ली बहना योजना की तर्ज पर कम से कम ₹1250 प्रतिमाह की पेंशन देने की घोषणा शीघ्र करें, उन्होंने कहा कि यह न सिर्फ सामाजिक न्याय की दिशा में एक आवश्यक कदम होगा, बल्कि इन वर्गों के जीवन में आर्थिक संबल भी प्रदान करेगा।



यह पत्र एक महत्वपूर्ण सामाजिक विषय पर सरकार का ध्यान आकर्षित करता है, और अब यह देखना होगा कि मुख्यमंत्री इस मांग पर क्या रुख अपनाते हैं।