खैरागढ छुईखदान। खैरागढ़-छुईखदान-गंडई क्षेत्र में किसानों और आम नागरिकों की समस्याओं को लेकर आज छुईखदान में ऐतिहासिक जनसैलाब देखने को मिला। हज़ारों की संख्या में किसानों, ग्रामीणों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विशाल जनआक्रोश रैली निकालते हुए,एसडीएम कार्यालय का घेराव किया।
खाद-बीज संकट, मुआवज़ा घोटाला, जलसंकट और बिजली वसूली पर उमड़ा जनसैलाब
प्रदर्शनकारियों का आक्रोश इस कदर था, कि प्रशासन द्वारा लगाए गए दो बैरिकेट भी तोड़ दिए गए,इसके बाद वे कार्यालय परिसर तक पहुंच गए और एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगें रखीं।
मुख्य मुद्दे जिन पर फूटा गुस्सा:
खाद और बीज की भारी किल्लत: किसानों ने आरोप लगाया कि वितरण में व्यापक स्तर पर कालाबाजारी हो रही है,मुआवज़ा घोटाला: अधिग्रहित ज़मीन के बदले वर्षों से मुआवज़ा लंबित है,गंभीर जल संकट: छुईखदान नगर को अब तक जल जीवन मिशन में शामिल नहीं किया गया।
बिजली विभाग की मनमानी: 3 एचपी कनेक्शन के नाम पर अवैध वसूली की जा रही है।
स्वास्थ्य विभाग में लापरवाही: एक निजी अस्पताल में गर्भवती महिला और नवजात की मौत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं।
सरकारी डॉक्टरों की अवैध प्रैक्टिस: नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।
प्रमुख मांगे:
1. किसानों को शीघ्र मुआवज़ा दिया जाए और जांच हो।
2. खाद-बीज की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए और कालाबाजारी पर कार्रवाई हो।
3. छुईखदान को जल जीवन मिशन में तुरंत शामिल किया जाए।
4. बिजली विभाग की वसूली पर जांच हो और दोषियों को दंड मिले।
5. नवजात की मौत के लिए जिम्मेदार अस्पताल और डॉक्टरों पर FIR हो।
6. सरकारी डॉक्टरों की निजी प्रैक्टिस तुरंत रोकी जाए।
प्रशासन अलर्ट, पर दबाव में
प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने दो बैरिकेट लगाए थे, जिन्हें भीड़ ने तोड़ दिया,उसके बाद प्रदर्शनकारियों ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपा,एसडीएम ने प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया कि हर बिंदु पर निष्पक्ष जांच की जाएगी और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी।
कांग्रेस नेतृत्व में आंदोलन तेज
यह विरोध प्रदर्शन छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर जिला कांग्रेस और युवा कांग्रेस के नेतृत्व में किया गया। ज्ञापन सौंपने वाले नेताओं में प्रमुख रूप से पूर्व सहकारी बैंक अध्यक्ष नवाज खान, विधायक यशोदा नीलांबर वर्मा, जिला कांग्रेस अध्यक्ष गजेंद्र ठाकरे,वरिष्ठ नेता विनोद ताम्रकार,आकाशदीप सिंह गोल्डी, कोमल साहू, भीखम चंद छाजेड़, गौकरण जंघेल सहित अनेक वरिष्ठ नेता और कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल रहे।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि 15 दिनों के भीतर समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो अगला चरण स्टेट हाइवे जाम कर जिले स्तर पर बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
जनता की चेतावनी – समाधान चाहिए, नहीं तो संघर्ष और तेज़ होगा
हजारों की संख्या में जुटे किसान और कार्यकर्ताओं की यह चेतावनी अब सरकार के लिए गंभीर संकेत बन चुकी है, आने वाले दिनों में यदि प्रशासन ठोस कदम नहीं उठाता, तो छुईखदान से जनसंघर्ष की लहर ज़िलेभर में फैल सकती है।
रिपोर्टर राशिद जमाल सिद्दीकी










