नौकरी के नाम पर 37.67 लाख की ठगी: दो आरोपी गिरफ्तार

खैरागढ गंडई।गंडई पुलिस ने नौकरी लगाने के नाम पर ठगी करने वाले दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है, आरोपियों ने लेबर इंस्पेक्टर, चपरासी और शिक्षक पद पर नियुक्ति का झांसा देकर कुल पाँच लोगों से लगभग ₹37,67,900 की धोखाधड़ी की।



घटना का विवरण
प्रार्थी संतोष कुमार देवांगन ने 27 अप्रैल 2025 को थाना गंडई में रिपोर्ट दर्ज कराई, उन्होंने बताया कि वर्ष 2022 में रायपुर में जीवन दीप कर्मचारी कल्याण संघ के पंजीयन के दौरान उसकी मुलाकात बिशेसर ध्रुव नामक व्यक्ति से हुई, जिसने मंत्रालय तक संबंध होने की बात कहकर नौकरी लगवाने का दावा किया।



बिशेसर ने लेबर इंस्पेक्टर पद के लिए ₹20 लाख, चपरासी पद के लिए ₹8 लाख और शिक्षक पद के लिए ₹15 लाख की मांग की। संतोष ने इस बात की जानकारी अपनी बहन संजू देवांगन और अन्य रिश्तेदारों – विद्या, त्रिलोक और विवेक देवांगन को दी, जो नौकरी के इच्छुक थे,सभी ने आरोपी के झांसे में आकर अलग-अलग तिथियों में बिशेसर ध्रुव और उसके साथी भुवनेश देवांगन को कुल ₹37,67,900 रुपये दे दिए।

धोखाधड़ी का तरीका

संतोष देवांगन ने ₹11,67,900

विद्या देवांगन ने ₹11,50,000

त्रिलोक देवांगन ने ₹8,50,000

संजू देवांगन ने ₹4,00,000

विवेक देवांगन ने ₹2,00,000


इनमें से कुछ राशि फोन-पे से ट्रांसफर की गई और शेष नकद दी गई।


जब छह माह बीतने के बावजूद किसी को भी नौकरी नहीं मिली, तो पीड़ितों को ठगी का आभास हुआ, पैसे वापस मांगने पर आरोपियों ने टालमटोल करते हुए चेक भी दिए, लेकिन बाद में वो भी बाउंस हो गए।

पूर्व में भी है आरोपी का आपराधिक इतिहास
गिरफ्तार आरोपी भुवनेश देवांगन के विरुद्ध पूर्व में भी थाना भैरमगढ़, जिला बीजापुर में अपराध क्रमांक 19/24 धारा 420, 467, 468, 471 भादवि के तहत मामला दर्ज है, जिसमें वह ₹38 लाख की नौकरी के नाम पर ठगी कर चुका है और तीन महीने जेल में रह चुका है।

गिरफ्तारी और टीम का योगदान
पुलिस अधीक्षक त्रिलोक बंसल के निर्देश पर थाना गंडई पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम गठित की गई। रायपुर और बलौदा बाजार में दबिश देकर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में दोनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है।



गिरफ्तारी के बाद आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। इस कार्रवाई में थाना गंडई के निरीक्षक भीमसेन यादव, सउनि चेतन नेताम, आरक्षक शशांक तिवारी, महिला आरक्षक शिखा निर्मलकर और साइबर सेल के प्रधान आरक्षक अख्तर खॉन की सराहनीय भूमिका रही।

पुलिस का संदेश: आमजन से अपील की जाती है कि किसी भी अनाधिकृत व्यक्ति के झांसे में आकर नौकरी पाने की कोशिश न करें और ऐसी किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें।

रिपोर्टर: राशिद जमाल सिद्दीकी