नई दिल्ली।डेस्क पुलवामा हमले जैसी कायराना हरकतों के खिलाफ पूरे देश में आक्रोश है,भारत का मुस्लिम समुदाय न सिर्फ इन आतंकी हमलों की कड़े शब्दों में निंदा कर रहा है, बल्कि पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद के खिलाफ खुलकर सामने आया है,प्रख्यात लेखक राशिद जमाल सिद्दीकी की कलम से निकले शब्दों ने पाकिस्तान की हकीकत और आतंकवाद के प्रति उसका रवैया उजागर कर दिया है।

राशिद सिद्दीकी ने स्पष्ट किया कि जो पाकिस्तान आतंकवादियों को पाल रहा है, वही एक दिन खुद उन्हीं के कारण दुनिया के नक्शे से मिट जाएगा,पुलवामा जैसे हमले न सिर्फ निर्दोषों की हत्या हैं, बल्कि इस्लाम के नाम पर एक बदनुमा दाग भी हैं, उन्होंने कहा कि इस्लाम शांति और इंसानियत का धर्म है, और इन आतंकियों की हरकतों से इसका कोई संबंध नहीं।

सिद्दीकी ने दो टूक कहा कि “भारत का मुसलमान ऐसी नीच हरकतों को कतई बर्दाश्त नहीं करेगा, ये आतंकी जानवरों से भी बदतर हैं,अगर उनमें हिम्मत है, तो सामने से मुकाबला करें, कायरों की तरह छिपकर वार न करें।”
उन्होंने यह भी कहा कि इन हरकतों से पाकिस्तान भारत के हिंदू-मुस्लिम एकता को तोड़ नहीं सकता,देशभर के मुसलमानों ने पाकिस्तान और आतंकवाद के खिलाफ पुतला दहन किया,और दो टूक संदेश दिया कि “हम शांति के पक्षधर हैं, आतंक के नहीं।”
लेख में वीर अब्दुल हमीद जैसे भारतीय मुस्लिम योद्धाओं का उल्लेख कर पाकिस्तान को चेतावनी दी गई है, कि भारत की सरजमीं ने पहले भी तुम्हारे दो टुकड़े किए हैं, और अगर भारत के मुसलमानों को छूट दी जाए, तो पाकिस्तान का नामोनिशान मिटा देंगे।
संदेश साफ है—भारत का मुसलमान देशभक्त है और आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होकर खड़ा है। पाकिस्तान को अभी भी वक्त रहते सुधर जाना चाहिए, वरना इतिहास गवाह है,कि भारत ने हमेशा दुश्मनों को माकूल जवाब दिया है।

विशेष संवाददाता राशीद जमाल सिद्दीकी










