छुईखदान नगर पंचायत चुनाव: कांग्रेस की ऐतिहासिक जीत, भाजपा को बड़ा झटका……..

खैरागढ छुईखदान। छुईखदान नगर पंचायत चुनाव में कांग्रेस ने ऐतिहासिक जीत दर्ज करते हुए नगर पंचायत अध्यक्ष पद पर कब्जा जमाया,कांग्रेस प्रत्याशी रानी नम्रता दास वैष्णव ने भाजपा प्रत्याशी शीतल नवनीत जैन को 616 वोटों के अंतर से हराकर भाजपा के गढ़ में सेंध लगा दी। इस जीत के साथ ही छुईखदान नगर पंचायत में कांग्रेस का दबदबा स्थापित हो गया।



भाजपा की बड़ी रणनीतिक भूल पड़ी भारी

कभी भाजपा के कद्दावर नेता रहे राजा गिरिराज किशोर दास वैष्णव को हल्के में लेना भाजपा को भारी पड़ा गिरिराज किशोर दास वैष्णव दो बार भाजपा से नगर पंचायत अध्यक्ष रह चुके हैं,इस बार जब उन्होंने अपनी पत्नी रानी नम्रता दास वैष्णव के लिए टिकट मांगा, तो भाजपा ने उन्हें नजरअंदाज कर शीतल नवनीत जैन को प्रत्याशी बना दिया,इससे नाराज होकर उन्होंने कांग्रेस का दामन थाम लिया और पूरी ताकत झोंककर अपनी पत्नी को चुनाव जिताया।



चुनाव परिणाम: कांग्रेस का वर्चस्व

अध्यक्ष पद का परिणाम:

रानी नम्रता दास वैष्णव (कांग्रेस) – 2732 वोट

शीतल नवनीत जैन (भाजपा) – 2116 वोट

नोटा – 40 वोट




इस तरह, कांग्रेस ने छुईखदान नगर पंचायत पर कब्जा जमाया और भाजपा को कड़ी शिकस्त दी।

पार्षद चुनाव: कांग्रेस 8, भाजपा 7 सीटों पर जीती

छुईखदान नगर पंचायत में कुल 15 वार्ड हैं, जिनमें कांग्रेस ने 8 वार्ड और भाजपा ने 7 वार्ड जीते।

मनीष कोचर ने युवा चेहरे के रूप में दर्ज की बड़ी जीत

इस चुनाव में कांग्रेस के युवा प्रत्याशी मनीष कोचर मिंटू ने पहली बार चुनाव लड़ते हुए बड़ी जीत दर्ज की वहीं, भाजपा से तीन बार के पार्षद रहे इमरान खान को हार का सामना करना पड़ा,इमरान खान इस बार कांग्रेस की टिकट पर चुनाव लड़े थे, लेकिन भाजपा के उमाकांत महोबिया ने उन्हें पराजित कर दिया।

भाजपा के लिए बड़ा झटका, कांग्रेस में जश्न का माहौल

इस जीत के बाद कांग्रेस खेमे में जश्न का माहौल है, जबकि भाजपा में निराशा छाई हुई है। राजा गिरिराज किशोर दास वैष्णव ने इस जीत से साबित कर दिया कि भाजपा ने उन्हें हल्के में लेकर बड़ी भूल की, जिसका नतीजा भाजपा को अपनी मजबूत सीट गंवाकर भुगतना पड़ा।



छुईखदान में कांग्रेस की इस जीत से यह साफ हो गया है कि जनता ने बदलाव के लिए वोट दिया है, अब देखना होगा कि नव निर्वाचित अध्यक्ष रानी नम्रता दास वैष्णव छुईखदान नगर पंचायत के विकास के लिए क्या नई योजनाएं लेकर आती हैं।

रिपोर्टर राशिद जमाल सिद्दीकी