खैरागढ गंडई। संत आशाराम बापू की प्रेरणा से श्री योग वेदांत सेवा समिति द्वारा 14 फरवरी मातृ-पितृ पूजन दिवस का भव्य आयोजन किया गया, इस अवसर पर 250 से अधिक स्थानों पर पूजन कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिसमें भारी संख्या में श्रद्धालु सम्मिलित हुए और उत्साहपूर्वक अपने माता-पिता की पूजा-अर्चना की।

कार्यक्रम में बच्चों ने अपने माता-पिता को आसन पर विराजित कर पुष्पमालाएँ पहनाईं, तिलक किया और आरती उतारकर पूजन किया, पूजन के पश्चात माता-पिता ने अपने बच्चों को गले लगाकर आशीर्वाद दिया,इस भावनात्मक क्षण ने उपस्थित लोगों की आँखें नम कर दीं और भारतीय संस्कृति की इस अनुपम परंपरा को सजीव कर दिया।

समिति के कार्तिकराम वर्मा ने बताया कि संत आशाराम बापू ने वर्ष 2006 में इस दिवस को मनाने की पहल की थी, जो अब भारत सहित 200 से अधिक देशों में मनाया जा रहा है, इस कार्यक्रम को छत्तीसगढ़ सरकार ने भी सराहनीय पहल बताते हुए प्रतिवर्ष इसे मनाने की घोषणा की है।
कार्यक्रम की जानकारी देते हुए समिति के डालेश्वर साहू ने बताया कि इस आयोजन में सभी धर्मों और समाज के वर्गों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई और पारसी समुदायों ने एक साथ इस आयोजन का समर्थन किया, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि मातृ-पितृ पूजन दिवस जाति-धर्म से ऊपर उठकर मानवता को एक सूत्र में पिरोता है।

इस अवसर पर समाज के गणमान्य व्यक्तियों ने समिति की इस पवित्र पहल की भूरि-भूरि प्रशंसा की और इसे भारतीय संस्कृति को सुदृढ़ करने का एक महत्वपूर्ण कदम बताया कार्यक्रम की सफलता को देखते हुए,यह स्पष्ट है कि यह पर्व अब देश-विदेश में व्यापक रूप से लोकप्रिय हो गया है।
रिपोर्टर राशीद जमाल सिद्दीकी










