खैरागढ गंडई।टिकरीपारा में कांग्रेस पार्टी की ओर से एक विशाल आम सभा का आयोजन किया गया, जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए, उनके साथ विधायक यशोदा निलंबर वर्मा, कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष गिरीश देवांगन, जिला अध्यक्ष गजेंद्र ठाकरे एवं अन्य वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे।
सभा से पहले नगर पंचायत अध्यक्ष पद के प्रत्याशी लाल तरकेश्वर शाह खुशरो और 15 पार्षद प्रत्याशियों ने अपने समर्थकों के साथ नगर में विशाल रैली निकाली इस रैली में उनकी धर्मपत्नी, कांग्रेस कार्यकर्ता, महिलाएं और पूर्व जनपद अध्यक्ष नीना विनोद ताम्रकार, पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष रुक्मिणी देवांगन समेत सैकड़ों लोग शामिल हुए।
सभा स्थल पर भारी जनसैलाब उमड़ा था, जो अपने नेता भूपेश बघेल को सुनने के लिए घंटों इंतजार करता रहा, जब भूपेश बघेल पहुंचे, तो कार्यकर्ताओं और जनता ने जोरदार नारेबाजी के साथ उनका स्वागत किया। उन्होंने सभा को संबोधित करते हुए कहा, “राजा नहीं, फकीर है, यह नगर की तक़दीर है।”
कांग्रेस सरकार की उपलब्धियां गिनाईं
भूपेश बघेल ने अपने कार्यकाल की उपलब्धियों को गिनाते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार ने किसानों को 3100 रुपये प्रति क्विंटल धान खरीदी की सुविधा दी थी, उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार सिर्फ झूठे वादे करती है, जबकि कांग्रेस ने अस्पताल, तहसील, कॉलेज, मंडी और अन्य जरूरी सुविधाओं के लिए कार्य किया है। उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी लाल तरकेश्वर शाह खुशरो की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने नगर के विकास के लिए हमेशा संघर्ष किया है और जनता उन्हें समर्थन दे रही है।
कांग्रेस प्रत्याशी को भारी समर्थन
नगर में कांग्रेस प्रत्याशी लाल तरकेश्वर शाह खुशरो और पार्षद उम्मीदवारों की स्थिति मजबूत दिख रही है, सभा में मौजूद कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने दावा किया कि 11 तारीख को नगर की जनता कांग्रेस के पक्ष में मतदान करेगी और भारी मतों से जीत सुनिश्चित करेगी।
सभा में सतीश सिंधन्या, बांके वर्मा, मो. अयूब कुरैशी, सुरेंद्र जायसवाल, नीलांबर वर्मा, योगेश जंघेल, कृष्ण देवांगन, मो. खान, मोसिन खान, लता देवांगन, मंजू नेताम, हेमलता ठाकुर, अमित टंडन, अशरफ सिद्दीकी, विक्की टंडन, संजू सिंह चंदेल, जिला पंचायत प्रत्याशी मन्नू चंदेल, कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष भृगेश यदु सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे,कार्यक्रम के समापन के बाद भूपेश बघेल कवर्धा के लिए रवाना हुए।
रिपोर्टर राशीद जमाल सिद्दीकी










