क्या कांग्रेस तोड पायेगीं, ब्रजमोहन का अभेदगढ….. क्या होगीं, पायलट की रणनिती…!!

रायपुर। छत्तीसगढ़ की रायपुर दक्षिण विधानसभा सीट पर उपचुनाव होना है, बीजेपी और कांग्रेस ने चुनाव के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं,वहीं, उम्मीदवार के नाम को लेकर भी मंथन चल रहा है,रायपुर दक्षिण विधानसभा सीट को बीजेपी का गढ़ माना जाता है,इस सीट से लगातार आठ बार बीजेपी के ब्रजमोहन अग्रवाल रहे हैं, बीजेपी के गढ़ को भेदने के लिए कांग्रेस इस बार बड़ी तैयारी कर रही है, सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस पार्टी उम्मीदवार को लेकर सर्वे कर रही है,वहीं, छत्तीसगढ़ कांग्रेस के प्रभारी सचिन पायलट भी सर्वे करवा रहे हैं, ऐसे में कई दावेदारों को झटका लग सकता है।

सचिन पायलट की देखरेख में संगठन के स्तर पर सर्व किया जा रहा है, सर्वे रिपोर्ट आने के बाद उम्मीदवार के नाम पर सर्वसम्मति से फैसला लिया जाएगा, इससे पहले सचिन पायलट ने भी 6 पूर्व मंत्रियों को रायपुर दक्षिण विधानसभा चुनाव को लेकर टास्क दिया था,सर्वे रिपोर्ट आने के बाद भी फाइनल उम्मीदवार की घोषणा मंथन के बाद किया जाएगा,फाइनल उम्मीदवार के नाम की घोषणा नहीं होने तक सभी दावेदारों को क्षेत्र में एक्टिव रहने को कहा गया है।

ब्रजमोहन अग्रवाल ने दी है, चुनौती
रायपुर दक्षिण विधानसभा सीट से बीजेपी सांसद ब्रजमोहन अग्रवाल ने कांग्रेस को चुनौती दी है, ब्रजमोहन अग्रवाल ने कहा था,कि प्रदेश क्या पूरे देश की कांग्रेस लग जाए फिर भी रायपुर दक्षिण सीट पर बीजेपी को ही जीत मिलेगी,उन्होंने कहा था कि यह सीट बीजेपी की थी, है,और रहेगी।

सचिन पायलट ने बैठक में दी थी, जानकारी
सूत्रों के अनुसार, सचिन पायलट अपने स्तर पर सर्वे करवा रहे हैं, इस सर्वे रिपोर्ट का इंतजार सभी दावेदारों को है,सचिन पायलट ने बैठक में राज्य के सीनियर नेताओं को सर्वे के बारे में जानकारी दी है, बताया जा रहा है कि रायपुर दक्षिण के कुछ वार्ड़ों उस तरह से काम नहीं हुआ है जिस तरह से सचिन पायलट चाहते थे, जिस कारण से वार्ड प्रभारियों को नया टास्क दिया गया है, नेताओं को रायपुर दक्षिण में एक्टिव रहने को कहा गया है।

क्यों होना है उपचुनाव….
रायपुर दक्षिण विधानसभा सीट से बीजेपी के सीनियर नेता ब्रजमोहन अग्रवाल चुनाव जीतते आ रहे हैं,2023 में भी ब्रजमोहन अग्रवाल ने बंपर जीत दर्ज की थी,2024 के लोकसभा चुनाव ने बीजेपी ने रायपुर लोकसभा सीट से ब्रजमोहन अग्रवाल को टिकट दिया था, ब्रजमोहन अग्रवाल चुनाव जीत गए, उसके बाद उन्होंने विष्णुदेव साय की कैबिनेट और विधायक पद से इस्तीफा दे दिया था,इस्तीफे के बाद सीट रिक्त घोषित कर दी गई थी।

रिपोर्टर राशीद जमाल सिद्धीकी