सीएम हेमंत सोरेन बोले, देवघर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम, कर सकेंगे सुलभ जलार्पण, लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई…..

देवघर। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि बाबा बैद्यनाथ धाम में सावन के महीने में लाखों की संख्या में श्रद्धालु आते हैं, उनकी सुविधा, सुरक्षा और सुलभ जलार्पण के लिए सरकार और प्रशासन पूरी तरह से तैयार है,सभी विभागों को पुख्ता तैयारी रखने का निर्देश दिया गया है, इसके साथ ही सख्त हिदायत दी गयी है,कि श्रावणी मेले के दौरान किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए, लापरवाही करने पर संबंधित अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी, श्रावणी मेले की तैयारी को लेकर अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक के बाद वे बोल रहे थे।

सुखद अनुभूति के साथ बाबा की पूजा कर लौटेंगे श्रद्धालु
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि पूरे सावन महीने में दुम्मा से लेकर बाबा मंदिर तक पूरे मेला क्षेत्र में प्रशासन और सरकार की सारी सुविधाएं 24 घंटे सातों दिन रहेगी, इसके लिए पुख्ता तैयारी की गयी है, देवघर के बाबा धाम जितने भी श्रद्धालु आएंगे, वे सुखद अनुभूति के साथ सुलभ जलार्पण करके अपने गंतव्य की ओर जाएंगे, यही सरकार और प्रशासन का उद्देश्य है।

बाबा बैद्यनाथ से हेमंत सोरेन की ये है कामना
सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि बाबा बैद्यनाथ से यही कामना है,कि हर साल की तरह इस साल भी श्रावणी मेला 2024 सफलतापूर्वक संचालित हो और जितने भी श्रद्धालु बाबा धाम आएं, सभी सकुशल जलपान के बाद अपने घर को पहुंच जाएं।



समय आने पर राजनीतिक बयानों का देंगे जवाब
रांची में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा डेमोग्राफी चेंज को लेकर दिए गए बयान पर झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि राजनीतिक बयानों का जवाब अभी देना नहीं चाहते हैं, समय आने पर उनका भी जवाब देंगे।

बाबा बैद्यनाथ से राज्य की उन्नति और खुशहाली की कामना
देवघर आगमन के बाद शनिवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सपत्नीक कामनालिंग बाबा बैद्यनाथ की पूजा-अर्चना की बाबा मंदिर में तीर्थ पुरोहितों द्वारा पूरे वैदिक रीति रिवाज और मंत्रोच्चार के साथ संकल्प कराया गया. इसके बाद में मुख्यमंत्री ने सपत्नीक बाबा मंदिर के गर्भगृह पहुंचकर पवित्र द्वादश ज्यातिर्लिंग का जलाभिषेक किया और मत्था टेककर मंगलकामना की. इसके अलावा पूजा-अर्चना बाद उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी विशाल सागर ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को स्मृति चिन्ह भेंट स्वरूप प्रदान किया।