विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले का उद्घाटन, बाबा धाम में इस बार दो बड़े बदलाव, कांवरियों को मिलेगी ये सुविधा….ऐसा हैं,रास्ता….यात्रा पर जानें पहले जरुर पढें…!!

देवघर। झारखंड के बाबा बैद्यनाथ धाम में श्रावणी मेला 2024 का उद्घाटन बिहार-झारखंड बॉर्डर स्थित दुम्मा से किया गया,नौ तीर्थपुरोहितों ने वैदिक मंत्र उच्चारण कर भगवान शिव का आह्वान किया,उसके बाद झारखंड के पेयजल मंत्री मिथिलेश ठाकुर ने फीता काटकर मेले का उद्घाटन किया, सुल्तानगंज से जल भरकर पैदल यात्रा कर आए कांवरियों को देवघर में प्रवेश कराया,यहां से 10 किलोमीटर की यात्रा कर कांवरिये बाबा बैद्यनाथ की शिवलिंग पर जलाभिषेक करेंगे, इस बार बैद्यनाथ मंदिर की पूजा व्यवस्था में कई बदलाव किए गए हैं।

देवघर में श्रावणी मेले का उद्घाटन हर साल बिहार-झारखंड बॉर्डर स्थित दुम्मा में गुरु पूर्णिमा के दिन होता आया है, इस साल 21 जुलाई यानी आज श्रावणी मेला 2024 का उद्घाटन किया गया,इस मेले का समापन 19 अगस्त को होगा, इस बार सावन माह में बेहद खास संयोग बनने जा रहे हैं, इस साल मात्र 29 दिनों का सावन होगा. लेकिन, इन 29 दिनों में पांच सोमवार पड़ने जा रहे हैं, जो अद्भुत संयोग है,साथ ही इस 29 दिनों मे सर्वार्थ सिद्धि योग, शिव वास, अमृत सिद्धि योग, प्रीति योग सहित कई शुभ योग का निर्माण भी होने जा रहा है।

पूजा व्यवस्था में ये बदलाव
श्रावणी मेला आते ही देवघर के बाबा बैद्यनाथ धाम में पूजा व्यवस्था में दो बड़े बदलाव किए गए हैं,पहले बदलाव में आज से बाबा बैद्यनाथ की स्पर्श पूजा बंद हो गई है,मंदिर में अरघा सिस्टम लागू हो गया है, यानी श्रद्धालु शिवलिंग को स्पर्श नहीं कर पाएंगे,अरघा के माध्यम से शिवलिंग के ऊपर जलार्पण कर सकते हैं, दूसरा बदलाव शीघ्र दर्शनम कूपन की कीमत में बढ़ोतरी की गई है, पिछले साल इस कूपन की कीमत 500 रुपये थी, जिसे बढ़ाकर 600 रुपये कर दिया गया है. शीघ्रदर्शनम कूपन के माध्यम से कांवरिये कम समय मे मंदिर के गर्भगृह में पहुंच सकते हैं।

शीघ्र दर्शनम कूपन की कीमत में बढ़ोतरी

देवघर: झारखंड के बाबा बैद्यनाथ धाम में श्रावणी मेला 2024 का उद्घाटन बिहार-झारखंड बॉर्डर स्थित दुम्मा से किया गया. नौ तीर्थपुरोहितों ने वैदिक मंत्र उच्चारण कर भगवान शिव का आह्वान किया, उसके बाद झारखंड के पेयजल मंत्री मिथिलेश ठाकुर ने फीता काटकर मेले का उद्घाटन किया,सुल्तानगंज से जल भरकर पैदल यात्रा कर आए कांवरियों को देवघर में प्रवेश कराया,यहां से 10 किलोमीटर की यात्रा कर कांवरिये बाबा बैद्यनाथ की शिवलिंग पर जलाभिषेक करेंगे,इस बार बैद्यनाथ मंदिर की पूजा व्यवस्था में कई बदलाव किए गए हैं।




देवघर में श्रावणी मेले का उद्घाटन हर साल बिहार-झारखंड बॉर्डर स्थित दुम्मा में गुरु पूर्णिमा के दिन होता आया है, इस साल 21 जुलाई यानी आज श्रावणी मेला 2024 का उद्घाटन किया गया,इस मेले का समापन 19 अगस्त को होगा, इस बार सावन माह में बेहद खास संयोग बनने जा रहे हैं, इस साल मात्र 29 दिनों का सावन होगा. लेकिन, इन 29 दिनों में पांच सोमवार पड़ने जा रहे हैं, जो अद्भुत संयोग है, साथ ही इस 29 दिनों मे सर्वार्थ सिद्धि योग, शिव वास, अमृत सिद्धि योग, प्रीति योग सहित कई शुभ योग का निर्माण भी होने जा रहा है।




श्रावणी मेला आते ही देवघर के बाबा बैद्यनाथ धाम में पूजा व्यवस्था में दो बड़े बदलाव किए गए हैं, पहले बदलाव में आज से बाबा बैद्यनाथ की स्पर्श पूजा बंद हो गई है. मंदिर में अरघा सिस्टम लागू हो गया है, यानी श्रद्धालु शिवलिंग को स्पर्श नहीं कर पाएंगे, अरघा के माध्यम से शिवलिंग के ऊपर जलार्पण कर सकते हैं. दूसरा बदलाव शीघ्र दर्शनम कूपन की कीमत में बढ़ोतरी की गई है,पिछले साल इस कूपन की कीमत 500 रुपये थी, जिसे बढ़ाकर 600 रुपये कर दिया गया है, शीघ्रदर्शनम कूपन के माध्यम से कांवरिये कम समय मे मंदिर के गर्भगृह में पहुंच सकते हैं।



कांवरिया पथ पर बिछाई गंगा की बालू
कांवड़ लेकर आ रहे कांवरियों को चलने में कोई परेशानी न हो, इसके लिए देवघर प्रशासन ने कांवरिया पथ पर गंगा की बालू बिछाई है, साथ ही चिलचिलाती धूप में कांवरियों को परेशानी न हो, इसके लिए पूरे 10 किलोमीटर तक जगह-जगह पर इंद्रवर्षा की व्यवस्था की गई है,साथ ही कांवरियों की स्वास्थ्य के लिए कई जगहों पर मेडिकल टीम तैनात रहने वाली है, जिला प्रशासन द्वारा यहां पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के लिए शौचालय, शुद्ध पेयजल एवं ठहरने की भी व्यवस्था की गई है, ताकि श्रद्धालु यहां से एक सुखद अनुभूति लेकर वापस जाएं।