SDM कोर्ट का बाबू गोविंद प्रधान की जमानत याचिका खारिज: रायगढ़ के वकीलों ने नहीं की पैरवी.. दूसरी पत्नी से दुष्कर्म का भी आरोप..!

रायगढ़। परिवार न्यायालय में न्याय मित्र के साथ अभद्र व्यवहार करने के आरोपी एसडीएम कोर्ट के क्लर्क गोविंद प्रधान की जमानत याचिका को जिला न्यायालय ने आज खारिज कर दिया, अब गोविंद प्रधान को कुछ दिन और जेल में बिताने होंगे।

मामले की पृष्ठभूमि

गोविंद प्रधान पर दो शादियाँ करने का आरोप है, जिसमें उनकी पहली पत्नी ने भरण पोषण के लिए जिला परिवार न्यायालय में अपील की थी, इस मामले में रायगढ़ कोर्ट ने अधिवक्ता आशीष मिश्रा को न्याय मित्र नियुक्त किया था,सुनवाई के दौरान गोविंद प्रधान ने न्याय मित्र के साथ अभद्र व्यवहार और वाद विवाद किया, जिसे कोर्ट ने गंभीरता से लेते हुए चक्रधर नगर थाने में अपराध दर्ज करने का आदेश दिया।



रायगढ़ के वकीलों ने नहीं की पैरवी

आज रायगढ़ जिला न्यायालय के प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश संतोष कुमार आदित्य के कोर्ट में गोविंद प्रधान की जमानत याचिका पर सुनवाई हुई, रायगढ़ जिला अधिवक्ता संघ ने गोविंद प्रधान की जमानत याचिका का विरोध किया और कोई भी वकील उनके पक्ष में उपस्थित नहीं हुआ, जिला अधिवक्ता संघ ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया था, कि कोई भी अधिवक्ता आरोपी की पैरवी नहीं करेगा, बिलासपुर की एक महिला अधिवक्ता ने ऑनलाइन माध्यम से गोविंद प्रधान की तरफ से आर्गुमेंट किया।

अन्य आरोप और न्यायालय का निर्णय

सुनवाई के दौरान जिला अधिवक्ता संघ ने गोविंद प्रधान के अन्य अपराधिक कृत्यों को भी न्यायालय के संज्ञान में लाया, गोविंद प्रधान पर पहली पत्नी के आधार और अन्य प्रमाण पत्रों का दुरुपयोग कर आर्थिक और मानसिक धोखाधड़ी के आरोप हैं, इसके अलावा, उनकी दूसरी पत्नी ने भी गोविंद प्रधान पर धोखाधड़ी और दुष्कर्म का आरोप लगाया है।

इन गंभीर आरोपों को ध्यान में रखते हुए माननीय न्यायालय ने गोविंद प्रधान की जमानत याचिका को खारिज कर दिया अब गोविंद प्रधान को जेल में ही रहना होगा।