रायगढ। आषाढ़ मास की गुप्त नवरात्रि 6 जुलाई से शुरू होने वाली है. इस दौरान नौ दिनों तक मां दुर्गा समेत दस महाविद्या की उपासना की जाएगी, अन्य नवरात्रि की तरह गुप्त नवरात्रि का भी खास धार्मिक महत्व है, इस दौरान मां दुर्गा की उपासना से मनोकामना पूरी होती है, पंचांग के अनुसार, इस साल की गुप्त नवरात्रि पूरे नौ दिनों की है. गुप्त नवरात्रि की अष्टमी और नवमी तिथि क्रमशः 14 और 15 जुलाई को है. आइए जानते हैं, कि गुप्त नवरात्रि में माता रानी को किन चीजों का भोग लगाना मनोकामना पूर्ति में सहायक साबित होगा।
कब से कब तक है आषाढ़ गुप्त नवरात्रि
पंचांग के अनुसार, आषाढ़ मास की गुप्त नवरात्रि शनिवार, 6 जुलाई से शुरू हो रही है. आषाढ़ गुप्त नवरात्रि की समाप्ति 15 जुलाई को होगी. इस दौरान 14 अप्रैल को अष्टमी और 15 अप्रैल को नवमी है.
गुप्त नवरात्रि के लिए घटस्थापना का शुभ मुहूर्त क्या है?
गुप्त नवरात्रि की घटस्थापना का शुभ मुहूर्त 6 जुलाई को सुबह 6 बजकर 06 मिनट से लेकर 10 बजकर 31 मिनट तक है. घटस्थापना के लिए शुभ मुहूर्त की कुल अवधि 4 घंटे 25 मिनट है. इसके अलावा घटस्थापना के लिए अभिजित मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 17 मिनट से 1 बजकर 10 मिनट तक है.

गुप्त नवरात्रि में किन चीजों का लगाएं भोग?
पहले दिन- देवी शैलपुत्री को गाय के घी से बनी सफेद चीजों का भोग लगाना शुभ रहेगा.
दूसरे दिन- ब्रह्मचारिणी देवी को चीनी, मिश्री का भोग लगाना शुभ माना गया है.
तीसरे दिन- दूध और दूध से बनी चीजों का भोग देवी चंद्रघंटा को लगाना शुभ माना गया है.
चौथे दिन- गुप्त नवरात्रि के चौथे दिन कूष्मांडा देवी को मालपुए का भोग लगाने से बुद्धि का विकास होने के साथ-साथ निर्णय क्षमता में वृद्धि होगी.
पांचवें दिन- स्कंदमाता को केले का भोग अत्यंत प्रिय है. ऐसे में इस दिन माता को पके हुए केले का भोग लगाएं
छठे दिन- गुप्त नवरात्रि के छठे दिन कात्यायनी देव को शहद से बनी चीजों का भोग लगाना चाहिए.
सातवें दिन- गुप्त नवरात्रि के सातवें दिन कालरात्रि को गुड़ का भोग लगाना चाहिए.
आठवें दिन- नवरात्रि के आठवें दिन देवी महागौरी को नारियल या उससे बनी चीजों का भोग लगाना चाहिए.
नौवें दिन- इस दिन मां सिद्धिदात्री को खीर, हलवा, चना और पूड़ी का भोग लगाना उत्तम माना गया है.










