रायगढ़। शहर के मध्य स्थित एसपी कार्यालय से जुड़ा हुआ, जयस्तंभ व्यावसायिक परिसर इन दिनों गंदगी का दंश झेल रहा है, और साथ में हर तरह के नशेड़ियों की पसंदीदा जगह बन चुका है,आलम यह है, कि यहां के ऊपर मंजिल के 90% दुकान बंद रहती हैं,कोई व्यवसाय यहां धंधा करना नहीं चाहता।
यहां के दुकानदार बताते हैं, कि नगर निगम द्वारा बनाया गया यह व्यावसायिक परिसर तीन मंजिला है,मगर यहां दो सिर्फ मंजिल ही काम की है,मगर इसकी बीच की मंजिल जो है,वहां व्यवसाय करना अब नामुमकिन सा हो गया है,यहां की सीढियों पर गंदगी तो है, ही डिस्पोजल, चकना, गोगो, इंजेक्शन और शराब की बोतल यहां 24 घंटे पड़ी रहती हैं।

व्यवसाईयों ने बताया कि इस परिसर की दूसरे भाग की दुर्दशा बद से बदतर है! हफ्ते में या 15 दिन के बीच में कभी कभार निगम कर्मचारी सफाई के लिए आ जाते हैं, मगर अगले दिन सुबह वही नजारा देखने को मिलता है।
यहां की सीढ़ियां नशेबाजों के लिए अब सबसे पसंदीदा जगह बन गई है, खास करके बरसात के मौसम में दोपहर हो या शाम बारिश होते ही यहां की सीढ़ियों पर बोतल खोले कई लोग बैठे मिलेंगे।

यहां सिर्फ शराबखोरी ही नहीं होती बल्कि गांजा, सुलोशन, इंजेक्शन सभी तरह का नशा करने वाले यहां आते हैं। दीवारे गुटका और पान की पिक से रंगी है, एक दुकानदार ने बताया कि सुबह उसके दुकान के सामने मानव मल मूत्र देखने को मिलता है।
कोई धंधा करना नहीं चाहता
लोग बताते हैं, कि यहां ऊपर मंजिल की सारी दुकान लगभग बुक हो गई हैं, मगर गंदगी और नशा क्षेत्र होने के कारण ज्यादातर दुकानें बंद ही रहती हैं, कोई भी व्यापारी इस जगह को व्यापार करने के लिए उचित नहीं समझता और ना ही दुकान किराए पर जाती है।

शिकायत के बाद कुछ दिन नगर निगम एक्टिव रहता है, मगर फिर कुछ दिनों बाद वही ढाक के तीन पात, इसकी समस्या के समाधान के बारे में जब पूछा गया तो उन्होंने बताया कि अगर यहां कुछ दिन रोजाना सफाई और पुलिस की आवाजही रही तो शायद इसे नशेड़ियों में पुलिस का खौफ़ बैठेगा और उनसे होने वाली गंदगी भी काफी हद तक काम हो जाएगी।










