स्कूल खुलतें ही शिक्षा विभाग की खुली पोल, जिलें के कई प्रथामिक शाला भवन जर्जर स्थिती में मिलें….नही लेते हैं अधिकारी सुध….

धमतरी। शिक्षा सत्र प्रारंभ होते ही शिक्षा विभाग का पोल खुल रही हैं,बुधवार को शाला खुला तो ज्यादातर स्कूल भवन जर्जर पाया गया,कही कही तो पालको ने हंगामा भी किया इस बीच छाती ग्रामपंचायत से टीचर सहित पालक कलेक्ट्रेट आकर शिकायत किया।

दरअसल छाती ग्राम के नवीन प्राथमिक शाला के भवन खासे जर्जर होकर गिर रहे है, जगह जगह दरारे आने से बच्चे पालक सहित टीचर डरे हुए है,बताया जा रहा है, क्षेत्र में संचालित प्राथमिक शाला पिछले 2 वर्षो से खस्ता हालत में पड़े हुए है  यही नहीं स्कूल में वाटर के भी समस्या से जूझना पड़ रही,मजबूरन बाहर से पानी लाकर पीने को विवश है।

ग्रामीणों की माने तो प्राथमिक शाला में 89 बच्चे पढ़ाई करने आते है, लेकिन जर्जर हालत को देख कर खासे सहम जाते है,इसके अलावा बरसात में डर कही ज्यादा और बड जाती है, तस्वीर में दिख रही ये वही नवीन प्राथमिक शाला है,जो पिछले कई वर्षो से इसी जर्जर अवस्था में बच्चे पढ़ाई करने को मजबूर है,फिलहाल तो बरसात भी लग चुकी भवन को देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है।

ये कितना भयावा रूप ले सकती है कभी भी बड़े हादसा होने का संभावना बराबर बनी हुई है इसके अलावा..यदि टीचर हो या बच्चे को पानी के अवस्कता होता है, तो उन्हें स्कूल पर पानी के व्यवस्था नहीं होने से मजबूरन बाहर से जल लाकर पीने को मजबूर हो जाता है,जिन्हे देखते हुए पालक सहित टीचर्स हुकुमत और अमला के प्रति खासे रोष प्रकट कर रहे है।

पाठशाला खुलने से पहले विभाग यदि जर्जर भवनों का निरीक्षण कर मरम्मत करवाया होता तो आज इतनी शिकायत सामने नहीं आती विभाग के आंखे तब तक नही खुलता जब तक विषय मीडिया में ना आ जाए ..आखिर में अधिकारी भी माना की छाती के नवीन प्राथमिक शाला का स्थिति विगत कई वर्षों से जर्जर पड़ी हुई है,बहरहाल अधिकारी ने जर्जर स्कूल में पाठशाला नही लगाने की बात करते हुए पढ़ाई प्रभावित न हो इसके लिए हाई स्कूल में ही प्राथमिक शाला को लगाने की बात कही है।

जिला शिक्षा अधिकारी धमतरी

वैसे तो छाती के स्कूल भवनों में खासे अनियमितता है इसे विभाग भी माना लेकिन पहले से कोई सुध लेना ठीक नही समझा .. आज आलम यह है स्कूल भवन खंडहर में तब्दील होने के कगार पर पहुंच गए है देखना होगा की इन जर्जर भवनों से मुक्ति बच्चो को आखिर कब मिलती है …