केलो में किलो- किलो फ्लाईऐश जनता को ही लेनीं होगी सुध…

रायगढ। जल ही जीवन है,भारतवर्ष में फ्री में सिर्फ पानी मिल सकता है,धन्य है, सरकार और धन्य है, यहाँ के लोग जहां लगभग आधा रायगढ इस भीषण गर्मी में नहाने को तरस रही है, हम लोगो की किस्मत अच्छी है, जब से छत्तीसगढ़ बना है, सरकार कोई भी रहे यहां जल संकट कभी नही आया लेकिन कब तक …?


  अब समय आ गया है, केलो के नाम मे राजनीति किये बिना सार्थक प्रयास करने का सर्किट हाउस से गड़मरिया तक दोनों तरफ साफ सफाई के साथ हरे भरे पेड़ लगे ,कचरा एक निश्चित स्थान पर फेंका जाए,  इसके साथ ही थोड़ी सी नैतिकता स्थानीय उद्योग को सिखाया जाए ये केलो तुम लोगो के बाप की नही है।

अपने उद्योग का फ्लाईएस और कचरा डालने का डस्टबीन बना रखा है, वर्तमान विद्यायक से सभी आस लगा के बैठे है,कुछ तो अच्छा होगा केलो मैया के साथ अब देखते है ?


रायगढ़ का भी वाटर लेबल नीचे जा रहा है,केलो मैया भी अपना मूल स्वरूप खोते जा रही है कई स्थान अब नाले का रूप धारण कर चुकी है, रायगढ में पानी की  विकट समस्या हमे आगह कर रही है, सुधर जाओ नही तो हमारे जैसे नहाने और बाकी कार्यो के भी जल नही मिलेगा, क्योंकि जो स्थिती और परिस्थिती दिख ही हैं, उससे तो लगता है,कि हम आने वाले समय में पानी  पानी को तरस जायेगें।

सनद रहें, आने वाले कुछ महिनो में आप गंदा पानी पीने को विवश होगें, इस बात को हमें और आपको सोचना हैं, क्योकि बरिश शुरु होतें ही हम सब को अमृत के नाम पर ये पानी परोसा जायेगा, और हम पीने को मजबूर होगें

बोर्ड आफ डायेक्टर की कलम से….