विरासत टैक्स मामले मे कांग्रेस पर भड़के : –  विष्णु देव साय

रायपुर| छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विरासत टैक्स मामले मे कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है, उन्होंने  कहा है, कि कांग्रेस ने भारतीय समाज की उस पारिवारिक संरचना पर सीधा प्रहार किया है, जो संपत्तियों को एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी को हस्तांतरित करती है,और पारिवारिक रिश्तों को जोड़ने की मजबूत कड़ी है।



श्री साय ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने देश के टुकड़े किए फिर उसे जातियों मे बांटा, उसके बाद धार्मिक तुष्टीकरण करने के लिए देश के संसाधनों पर पहला हक मुस्लिमों का बताया,अब कांग्रेस कह रही है,की आगे वो सत्ता मे आई तो कानून बना कर लोगों के मरने के बाद उनकी संपत्ति सरकार के जरिए हड़प लेगी,सैम पित्रोदा के बयान ने इसकी पुष्टि की है,यह बेहद शर्मनाक है।

कहा- “देश के लोगों की संपत्ति-संसाधन आदिवासी, दलित, पिछड़ों, गरीबों के हैं, विदेशी घुसपैठियों रोहिंग्याओं के नहीं”

उल्लेखनीय है,कि राहुल गांधी ने बीते दिनों एक बयान में कहा था, कि अगर चुनाव बाद उनकी सरकार सत्ता में आई तो एक सर्वे कराया जाएगा, और पता लगाया जाएगा कि किसके पास कितनी संपत्ति है,और अब सैम पित्रोदा ने अमेरिकी कानून का हवाला देकर कहा है, ‘अमेरिका में 55 फीसदी संपत्ति सरकारी खजाने में जाती है,अमेरिका में विरासत पर कर लगता है, अगर किसी के पास 100 मिलियन डॉलर की संपत्ति है,और जब वह मर जाता है तो वह केवल 45 प्रतिशत अपने बच्चों को हस्तांतरित कर सकता है, जबकि 55 प्रतिशत सरकार द्वारा हड़प लिया जाता है। लेकिन भारत में रहकर अपनी पीढ़ी के लिए संपत्ति जुटाई और जब आप स्वर्गवासी हो रहे हैं,तो आपको अपनी संपत्ति जनता के लिए छोड़नी चाहिए।

विष्णुदेव साय मुख्यमंत्री छतीसगढ



श्री साय ने कहा है, कि कांग्रेस मुस्लिम तुष्टिकरण मे इतनी अंधी हो गई है, की वो देश के सनातन परंपरा और परिवार परंपरा पर सीधा चोट कर रही है,उनकी मंशा है, की देश के लोगों की जायदाद राजसात कर उसे उनके बीच बाँट दे जिनके ज्यादा बच्चे हैं या घुसपैठिए हैं,इस देश और छत्तीसगढ़ की जनता को यह कतई स्वीकार नहीं है।

श्री साय ने कड़ी शब्दों मे कहा है,कि देश के लोगों की संपत्ति विदेशी घुसपैठियों के लिए नहीं है, यहाँ के संसाधन भी रोहिंग्याओं के लिए नहीं है, यह संपत्ति-संसाधन हमारे आदिवासी, दलित, पिछड़ों, और गरीबों का है। इस पर कांग्रेस की बुरी नीयत को हम सहन नहीं करेंगे।